न्यूज़लिंक हिंदी। बदायूं वैसे तो बड़े सरकार की दरगाह लाखों मुसलमानों के यह बहुत अज़ीज जगह है, लेकिन इसका दूसरा पक्ष बेहद चौकाने वाला है। यहां रूहानी इलाज के नाम पर महिलाओं से रेप हो जाना आम बात है। इतना ही नहीं जियारत करने आए कई जायरीनों के शव आसपास मिलना भी कोई नई बात नहीं है।
ऐसे में उनके साथ क्या होता होगा इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। ताजा मामला भी इसी पवित्र कही जाने वाली दरगाह का है। जहां एसएसपी दफ्तर पहुंची महिलाओं ने यहां प्रसाद की दुकान चलाने वाले मौलवी पर रूहानी इलाज के नाम पर रेप करने और अश्लील वीडियो बना लेने की शिकायत एसएसपी से मुख्य रूप से अपील की है।
बदायूं दिल्ली मार्ग पर सोत नदी के किनारे बनी बड़े सरकार की दरगाह कोई आम दरगाह नहीं है। यहां हर साल उर्स लगता है और लाखों लोग आते हैं। यह मुसलमानों के लिए आस्था का केंद्र है। यहां कई दशकों से मानसिक रोगियों का रूहानी इलाज होता था। ऐसा मानना है कि प्रेत आत्माओं को इंसानी शरीर से बाहर निकाला जाता है।
आस्था के साथ साथ जब यह अंधविश्वास का केंद्र बन गई तो सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 में रूहानी इलाज पर रोक लगा दी। मरीजों को जंजीरों में बांधे रखना मनावता के खिलाफ बताया। तब 22 लोगों को जंजीरों से बंधे हुए पाया और उनको आजाद भी कराया गया।
एक बार यह दरगाह अपने कारनामों के लिए फिर से सुर्खियों में है। यहां बिजनौर की रहने वाली महिलाओं ने आरोप लगाया है कि वे लगभग एक साल से इलाज के लिए यहां रह रही थीं। प्रसाद की दुकान लगाने वाले मौलवी ने उनके साथ रेप किया और अश्लील वीडियो भी बना लिया है।
महिलाओं का कहना है कि आए दिन इलाज के नाम पर महिलाओं का रेप किया जाता है। शिकायत इसलिए की है कि कार्यवाही हो और अन्य महिलाओं के साथ ऐसा न हो उनकी जिंदगी तबाह होने से बच जाए।

