Kanpur News: चकरपुर मंडी चौकी प्रभारी और सिपाही पर प्रताड़ना का आरोप लगा युवक ने दी जान, दोनों आरोपियों हुए निलंबित

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न्यूज़लिंक हिंदी। सचेंडी थाने की चकरपुर मंडी चौकी के प्रभारी व सिपाही पर अवैध वसूली और प्रताड़ना का आरोप लगाकर कस्बा निवासी सुनील ने अपनी जान दे दी। फांसी लगाने से पहले उसने दो वीडियो फेसबुक पर अपलोड कर उगाही की अपनी कहानी बयां की है। बताया है कि वह सब्जी बेचने का काम करता था।

चौकी प्रभारी सतेंद्र कुमार यादव व सिपाही अजय कुमार यादव अक्सर उसकी दुकान आकर बोरे में मुफ्त में सब्जी भर भर कर ले जाते थे। जो कमाई होती थी, वह भी उससे छीन ले जाते थे। इससे परेशान होकर उसने सब्जी की दुकान लगानी बंद कर दी और एक मेस में काम करने लगा। इसके बाद भी दोनों ने पीछा नहीं छोड़ा और घर आकर उसको धमकाने लगे।

घर बेचकर पांच लाख रुपये देने का दबाव बनाते थे। इस वजह से वह जान देने जा रहा है। उधर, सुनील की आत्महत्या से नाराज परिजनों ने घर के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। आठ घंटे तक शव नहीं उठने दिया। इसके बाद पुलिस ने पिता की तहरीर पर दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में जल्द ही रिपोर्ट दर्ज की।

साथ ही दोनों का निलंबन भी किया, तब परिजन शांत हुए। दोपहर एक बजे शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, दोनों आरोपी घटना के बाद से मुख्य रूप से फरार हैं। चौकी प्रभारी अपने साथ सर्विस रिवाल्वर भी ले गया है। वहीं, सचेंडी थाना प्रभारी आमोल मुर्कुट, एसीपी पनकी तेज बहादुर सिंह ने घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम ने भी मुख्य रूप से साक्ष्य जुटाए हैं।

सचेंडी कस्बा निवासी पिता बालकृष्ण राजपूत ने बताया कि छोटा बेटा सुनील सचेंडी मंडी में फुटकर सब्जी का व्यापार करता था। आरोप है कि नवंबर 2023 में घर के पास रहने वाले एक मुस्लिम परिवार से उनका मुख्य विवाद हो गया था। उस परिवार ने राजकुमार के साथ ही सुनील के खिलाफ भी शिकायत की थी।
विधायक ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि पूरे इलाके में आपके प्रति अविश्वास है।

इस पर आईपीएस अमोल नाराज हो गए और कुर्सी से खड़े हो गए। कहा कि आप इस तरह से नहीं बोल सकते हैं। इस पर सांगा ने कहा कि आप यहां से जाइए, कोई जरूरत नहीं है आपकी। आप हमको अकड़ न दिखाइए, मैं भी जनता का प्रतिनिधि हूं। इसके बाद मौजूद लोग और सांगा के समर्थक भी उखड़ गए और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे।

दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें मुख्य रूप से निलंबित कर दिया गया है। अनुमति के लिए आयोग को भी पत्र भेज दिया गया है। वीडियो कब के हैं, इसकी जांच के साथ ही अन्य व्यापारियों ने जो उगाही के आरोप भी लगाए हैं, इसकी जांच एसीपी पनकी तेज बहादुर सिंह को अब मुख्य रूप से सौंपी गई है।

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