न्यूज़लिंक हिंदी। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रशेखर बवानकुले से मीटिंग के बाद राज ठाकरे ने ग्रीन सिग्नल मुख्य रूप से दे दिया है। इसके बाद सभी की नजरें अब शिवाजी पार्क की रैली पर लग गई हैं। राज ठाकरे ने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन देने के बाद पिछले दो हफ्तों में तीन जनसभाओं को संबोधित किया था, लेकिन उन्हें उतनी चर्चा नहीं मिली थी।
पीएम मोदी के साथ मंच पर आने के ऐलान के मुंबई की राजनीति बहुत ही गरमा गई है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई है कि राज ठाकरे क्यों बोलेंगे? क्योंकि यह वही मैदान है जहां पर 2019 में राज ठाकरे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर सीधा हमला बोला था। तब राज्य में बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन था।
राजनीति हलकों में बावनकुले और ठाकरे की मुलाकात को औपचारिकता माना जा रहा था, क्योंकि रैली के लिए शिवाजी पार्क को बीएमसी से मनसे ने ही बुक किया है। ऐसे में यह भी चर्चा हो रही है राज ठाकरे ने पहले ही पीएम मोदी के साथ मंच साझा करने की मुख्य तैयारी कर ली थी। ऐसे में क्या राज ठाकरे बदले हुए अंदाज में नजर आएंगे।
मनसे द्वारा की रैली ग्राउंड को बुक किए जाने को राज ठाकरे की बड़ी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि वे राम मंदिर, धारा 370 जैसे विषयों के साथ सीएए और NRC जैसे मुद्दों पर मुख्य रूप से बोल सकते हैं। इतना ही नहीं राजनीति हलकों में भले ही यह रैली महायुति की है लेकिन इस राज ठाकरे का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है।
इसमें मनसे शिवाजी पार्क के अपने घरेलू मैदान पर ताकत दिखा सकती है। इसी में राज ठाकरे की रणनीति मुख्य रूप से छिपी हुई है। राज ठाकरे ने 2006 में मनसे का गठन किया था। इसके बाद वे पहली बार बीजेपी के शीर्ष नेताओं के साथ मंच साझा करेंगे।
इसको लेकर भी मनसे कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर है। रैली में दोनों नेता मराठी वोटरों पर फोकस कर सकते हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि शिवाजी पार्क की बुकिंग कराकर मनसे ने ग्राउंड बुक नहीं किया बल्कि नए सिर से अपनी सियासी जमीन बनाने की ओर कदम बढ़ाया है।

