न्यूज़लिंक हिंदी। मौजूदा लोकसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता खो देती है तो शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मुख्य रूप से मिल सकती है। निवेशकों को इस बात की चेतावनी दी गई है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म यूबीएस ने सोमवार को कहा कि सबसे खराब स्थिति में इक्विटी वैल्यूएशन एनडीए के पहले के स्तर तक भी पहुंच सकता है।
यूबीएस सिक्योरिटीज के प्रेमल कामदार ने कहा, किसी भी अप्रत्याशित परिणाम को कम से कम पहले तो नकारात्मक रूप से देखा जाएगा। कारण है कि राजनीतिक अस्थिरता और संभावित पॉलिसी पैरालिसिस से कारोबारी भावना पर भी असर पड़ेगा। इससे निवेशकों का भरोसा डगमगाएगा। निकट भविष्य में वित्तीय बाजारों में इसकी अचानक प्रतिक्रिया भी हो सकती है।
यही नहीं, इक्विटी मूल्यांकन मुमकिन है कि एनडीए के पूर्व स्तर पर पहुंच जाए। ऐतिहासिक रूप से चुनाव परिणामों के कारण बाजार में होने वाली गिरावट मध्यम से लंबी अवधि में वापस आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बाजार और व्यवसाय नई सरकारी नीतियों के अनुसार खुद को एडजस्ट कर लेते हैं।
अगर भाजपा अकेले अपना बहुमत बरकरार रखने में असमर्थ रहती है, लेकिन एनडीए के साथ 272 से अधिक सीटों के बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल हो जाती है तो उम्मीद से धीमी राजकोषीय समेकन की संभावना के कारण बाजार का नीति स्थिरता में थोड़ा कम विश्वास हो सकता है।यूबीएस ने कहा, हमें एनडीए की ओर से लागू किए गए कुछ सुधारों को पलटने का जोखिम अधिक दिखाई दे रहा है।
सरकार में बदलाव के साथ आने वाली अनिश्चितता के कारण वित्तीय बाजारों में संभावित रूप से तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।पिछले हफ्ते की शुरुआत में बर्नस्टीन ने कहा था कि अगर बीजेपी 290 या उससे ज्यादा सीटें जीतती है, तो बाजार में तेजी आएगी। इसके बाद अल्पकालिक मुनाफावसूली होगी। उस स्थिति में इस साल निफ्टी में डबल डिजिट में बढ़ोतरी की संभावना मुख्य रूप से है।

