पीएम मोदी के सामने पहली बार गठबंधन सरकार चलाने की चुनौती,जानिए सरकार चलाने का सुख या सर दर्द

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न्यूज़लिंक हिंदी। 10 सालों में विकास, कल्याणकारी योजनाओं और अनुकूल जातीय समीकरण समेत अन्य कई मजबूत मोर्चों की बदौलत बीजेपी ने 2024 के चुनावों में अबकी बार 400 पार’ का नारा दिया। लेकिन 4 जून को परिणाम आए तो 2002 से गुजरात से शुरू हुआ सिलसिला टूट गया।

मोदी के नेतृत्व में चुनाव मैदान में उतरी बीजेपी पहली बार बहुमत के आंकड़े से दूर रह गई। 240 सीटों पर सिमटी बीजेपी और नरेंद्र मोदी को नई सरकार बनाने के लिए बैशाखी का सहारा लेने की नौबत आन पड़ी है। यह नरेंद्र मोदी के लिए अग्निपथ पर चलने जैसा है। यह पथ जितना ज्यादा से ज्यादा आसान हो सके, इसकी कवायद हो रही है।

9 जून को नई मोदी कैबिनेट शपथ ग्रहण करेगी। सहयोगी दलों को सरकार में शामिल करने का फॉर्म्युला भी सामने आ चुका है। कहा जा रहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की नई सरकार में साथी दलों के हर चार सांसद पर एक मंत्री बनाया जाएगा। सभी दलों के सहयोग से टिकाऊ सरकार बने, इसकी कवायद चल रही है।

भाजपा के शीर्ष नेता गुरुवार को इसी चर्चा में लगे रहे और वरिष्ठ पार्टी नेताओं को सहयोगी दलों से बात करने के लिए तैनात किया गया। बीजेपी चीफ जेपी नड्डा के आवास पर कई बैठकें हुईं। सुबह भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह और महासचिव बीएल संतोष ने नड्डा के साथ मैराथन मीटिंग की।

पार्टी नेताओं ने अलग-अलग आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी मुलाकात की। नड्डा और शाह ने शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके आवास पर मुलाकात की। सिंह के साथ शाह और नड्डा के सहयोगी दलों के साथ समन्वय करने की संभावना है।

नड्डा और शाह ने निर्वतमान मंत्रियों पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, मनसुख मंडाविया और पार्टी महासचिव विनोद तावड़े एवं तरुण चुग के साथ भी बैठक की। भाजपा सूत्रों ने बताया कि विभागों को लेकर सहयोगी दलों के साथ बातचीत अभी औपचारिक रूप नहीं ले पाई है। लेकिन एनडीए के सभी सहयोगी इस बात पर सहमत हैं कि सरकार गठन में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा इस बात को लेकर आश्वस्त है कि वह लोकसभा अध्यक्ष के पद के अलावा गृह, वित्त, रक्षा और विदेश जैसे चार प्रमुख विभागों के साथ-साथ आम आदमी के जीवन से जुड़े मंत्रालयों को भी अपने पास रखेगी।

हमारी प्राथमिकता आंध्र प्रदेश का विकास और लोगों की आकांक्षाओं को मुख्य रूप से पूरा करना है। हमारे पार्टी प्रमुख इसके आधार पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि टीडीपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सुचारू और स्थिर एनडीए सरकार के लिए संयुक्त रूप से प्रतिबद्ध है।

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