मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में कानपुर-बुंदेलखंड से जीते सांसदों को नहीं मिली मंत्रीमंडल में जगह

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न्यूज़लिंक हिंदी। राष्ट्रपति भवन परिसर में रविवार को वाराणसी से सांसद नरेन्द्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ ही एनडीए गठबंधन से 71 सांसदों ने मंत्री पद की पूर्ण शपथ ली, लेकिन इस बार कानपुर-बुंदेलखंड से जीते चार सांसदों में किसी को मंत्री नहीं बनाया गया।

नई सरकार में इस बार कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से एक मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी, लेकिन शपथ ग्रहण के बाद इन सभी संभावनाओं पर मुख्य रूप से विराम लग गया। वर्ष 2014 और 2019 में मोदी सरकार के कार्यकाल में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का प्रतिनिधित्व रहा है।

कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में कुल 10 लोकसभा सीटें हैं। जिसमें इस बार चार सीट भाजपा जीतने में कामयाब रही है, जबकि छह सीटों में भाजपा प्रत्याशियों को मुख्य रूप से हार मिली है।

2014 के लोकसभा चुनाव में फतेहपुर से सांसद साध्वी निरंजन ज्योति को केंद्रीय राज्यमंत्री बनाया गया था, जबकि 2019 में साध्वी निरंजन ज्योति के साथ ही जालौन सीट के सांसद भानु प्रताप वर्मा को भी राज्यमंत्री का पद मिला था। 2024 में चुनाव परिणाम विपरीत आए, दोनों मंत्री इस बार चुनाव हार गए।

भाजपा कानपुर बुंदेलखंड क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि अभी तो सरकार का गठन संयुक्त रूप से हुआ है। हो सकता है कि अगले विस्तार में कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र को भी प्रतिनिधित्व मिले।

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