न्यूज़लिंक हिंदी। हरदोई जिले में एक दर्दनाक हादसा, दिन भर की कढ़ी मेहनत के बाद किसी तरह गुजर बसर करने वाले नट बिरादरी के दस परिवार मंगलवार रात अपनी झोपड़ियों में सोए थे। झोपड़ी के अंदर गर्मी बहुत थी तो धीरे धीरे सारे परिवारों ने अपनी झोपड़ियों के आगे चारपाई डाल दी।
रात में हल्की हवा चली तो दिन भर की मेहनत से थके लोग सुकून की नींद सो गए। आधी रात के बाद गहरी नींद में सो रहे इन्हीं में से एक परिवार पर मौत ने झपट्टा मारा, तो फिर यह लोग हमेशा के लिए सो गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक साथ आठ शव देखकर हर किसी का कलेजा भर आया।
चीख पुकार की आवाज दोपहर तक थमी ही नहीं। मल्लावां में उन्नाव मार्ग पर सड़क किनारे सो रहे परिवार पर बालू लदा ट्रक पलटने की घटना को लेकर जिले भर में शोक का माहौल है। अवधेश अपनी पत्नी और बच्चों के साथ ही विवाहित बेटी और उसके पति व बच्चों के साथ गुजर बसर मुख्य रूप से कर रहे थे।
घटना के वक्त सभी लोग सो रहे थे। अचानक बालू भरा ट्रक पलटा, तो कुछ लोग ट्रक के नीचे दब गए, जबकि कुछ बालू के ढेर में। घटना में घायल हुई बिट्टू तक को चीखने और चिल्लाने का मौका नहीं मिला। जब बालू हटाई जा रही थी तब उसने अपना हाथ बाहर निकाला और इसी से लोगों को पता चला कि वह पूर्ण रूप से जीवित है। अन्य लोगों को भी चीखने चिल्लाने का मौका नहीं मिला।
मल्लावां कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत उन्नाव मार्ग पर चुंगी नंबर दो के पास सड़क किनारे झोपड़ी के बाहर सो रहे परिवार पर बालू लदा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया था। घटना में एक ही परिवार की तीन पीढि़यों के आठ लोगों की मोके पर ही मौत हो गई, जबकि एक मासूम घायल हो गई। लगभग दो घंटे की मशक्कत के बाद बालू हटाकर शव निकाले जा सके। घटना की जानकारी पर डीएम और एसपी भी घटनास्थल पर पहुंचे थे।
इस बीच पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बालू के नीचे लोगों के दबे होने के कारण धीरे-धीरे बालू हटाई गई। सुबह लगभग पांच बजे ट्रक और बालू के नीचे दबे बल्ला, सुधा, सुनैना, राधारानी, बुद्धु, हीरो, करन और बिहारी उर्फ कोमल के शव को बाहेर निकाल लिए गए, जबकि बिट्टू ही केवल जीवित मिली।

