न्यूज़लिंक हिंदी। प्राइवेट सेक्टर के यस बैंक को लेकर एक मुख्य और सबसे बड़ी खबर सामने आई है। यस बैंक में बड़े पैमाने पर छंटनी भी हो रही है। बैंक एकसाथ 500 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है।
इसके साथ ही खबर ये भी है कि बैंक और लोगों की भी छंटनी और भी कर सकता है। बैंक की ओर से इस बड़ी छंटनी के पीछे कॉस्ट कंटिंग के साथ तमाम अन्य कारण भी बतााए गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह छंटनी कई क्षेत्रों में पूर्ण रूप से की गई है, जिसमें थोक से लेकर रिटेल और साथ ही शाखा बैंकिंग क्षेत्र भी शामिल हैं। आने वाले दिनों में इस तरह की और छंटनी भी हो सकती है। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों को तीन महीने के वेतन के बराबर सैलरी भी दी गई है।
यस बैंक कथित तौर पर डिजिटल बैंकिंग की ओर झुकाव और मैनुअल हस्तक्षेप को कम करके लागत में पूर्ण कटौती करना चाहता है। यह तब हुआ जब वित्त वर्ष 2023 और 2024 के बीच लेंडर के लिए कर्मचारियों का खर्च 12 फीसदी से अधिक बढ़ गया। वित्त वर्ष 23 के अंत में खर्च 3,363 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 24 के अंत में 3,774 करोड़ रुपये हो गया है।

