न्यूज़लिंक हिंदी। प्रयागराज में दिनदहारे वकील उमेश पाल की हत्या मामले में माफिया अतीक अहमद के बेटे असद अहमद की संलिप्तता मुख्य रूप से सामने आई थी। असद को पहले ही पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था।
अब अतीक के दोनों बड़े बेटे उमर अहमद और अली अहमद को हत्याकांड की साजिश रचने के मामले में आरोपी करार देते हुए चार्जशीट दायर की गई है। उमर अभी लखनऊ जेल में बंद है। वहीं, अली अहमद को प्रयागराज के नैनी जेल में रखा गया है। उमेश पाल मर्डर केस में विवेचना कर रहे एसीपी धूमनगंज वरुण कुमार ने जांच पूरी कर दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में पुर रूप से दाखिल की है।
दायर चार्जशीट के अनुसार, उमर और अली भी उमेश पाल हत्याकांड में शामिल रहे। उन्हें पूरी घटना की जानकारी पहले से थी। दरअसल, 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में माफिया अतीक अहमद के शूटरों ने वकील उमेश पाल और दो सरकारी गनर पर बम और गोलियां बरसा दी थी। इस घटना में उमेश पाल और उनके दोनों सरकारी गनरों की मौत हो गई थी।
मामले की जांच के क्रम में अतीक के दो बेटों अली और उमर भी हत्याकांड में शामिल होने के आरोपी पाए गए। उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस की ओर से चौथी चार्जशीट मुख्य रूप से दायर की गई है। उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने नैनी जेल में बंद अली अहमद का बयान दर्ज किया था। जांच के दौरान अली ने पुलिस के समक्ष उमेश केस में कई अहम राज का खुलासा किया था।
अली ने पुलिस के समक्ष माना कि उसे हत्याकांड की जानकारी पहले से थी। अली ने अपने बयान में कहा है कि उसने अपने पिता अतीक से भाई असद को हत्याकांड में शामिल न होने की मुख्य बात कही थी। लेकिन, अतीक अहमद इसके लिए तैयार नहीं हुआ।
उमर अहमद का भी उमेश हत्याकांड में बयान लिया गया है। लखनऊ जेल में जांच टीम ने उससे बयान लिया गया। इसमें उमर से हत्याकांड में संलिप्तता की बात मानी है। वहीं, अली पर इस समय सबसे अधिक केस दर्ज हैं। नैनी जेल में रहते हुए भी अली के खिलाफ धमकाने और रंगदारी मांगने के केस दर्ज किए गए हैं।
डीएसपी सिटी दीपक भूकर का मुख्य कहना है कि उमर और अली के खिलाप्ऊ आरोप पत्र दाखिल हो गया है। दोनों हत्याकांड की साजिश में शामिल थे।
उमेश पाल हत्याकांड में तीन चार्जशीट पहले दायर हो चुकी है। पहली चार्जशीट मुस्लिम बोर्डिंग हाउस में रहने वाले सदाकत के खिलाफ दाखिल की गई थी।
उमेश हत्याकांड में पत्नी जया पाल ने अतीक समेत अन्य के खिलाफ मुख्य रूप से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। विवेचनों के दौरान इस मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत धारणा बढ़ाई गई थी। इसके बाद विवेचन धूमनगंज एसीपी को सौंप दी गई थी। मामले की जांच बढ़ने के बाद एसीपी ने बाद में चार्जशीट दायर की।

