न्यूज़लिंक हिंदी। पैसों के बदले ऐसी धंदागर्दी,नपा के अधिकारी किसी को भी मृत और किसी को भी जिंदा कर सकते हैं। ऐसा ही एक मामला संयुक्त रूप से सामने आया है। मामला शहर के वार्ड नम्बर 06 का है।
जहां पर रहने वाली वृद्ध इमरती देवी नाम की महिला की विगत 11 मार्च 2024 को मृत्यु हो गई थी। नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से इमरती देवी सोनी महिला के एक नहीं दो दो मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिए। पहले मृत्यु प्रमाण पत्र में नपा के अधिकारियों ने महिला की मृत्यु 11 मार्च को होनी बताई। वहीं दूसरे मृत्यु प्रमाण पत्र में नगर पालिका के अधिकारियों ने इसी महिला को फिर से मृत बताते हुए 12 मार्च की मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
दोनों मृत्यु प्रमाण पत्र किसी दूसरे अधिकारी एवं कर्मचारी ने जारी नहीं किए बल्कि जिसने पहला प्रमाण पत्र बनाया उसी अधिकारी एवं कर्मचारी द्वारा दूसरा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे साबित होता है कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारी ने भौतिक सत्यापन, पंचनामा आदि की कार्रवाई तक नहीं की।
एक महिला के दो-दो मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने पर लोकायुक्त में शिकायत की गई। मामले के अनुसार अनुसार वार्ड नंबर 06 में रहने वाली इमरती देवी की 11 मार्च 2024 को मृत्यु हो गई थी। इमरती देवी की चार पुत्रियां हैं। इमरती देवी सोनी की एक बेटी ने मां का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए नगर पालिका में आवेदन किया।
वहीं अन्य दूसरी बेटी ने 12 मार्च को मां की मृत्यु होना बताते हुए नगर पालिका में मृत्य प्रमाण पत्र के लिए आवेदन भी कर दिया। नगर पालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने दोनों आवेदनों में मृतक का नाम, जाति, उम्र, पता, आदि सब चीजें समानांतर होने के बावजूद दोनों आवेदनों को क्रॉस चेक तक नहीं किया। इतना ही नहीं दोनों आवेदनों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने से पहले मृतक के घर पहुंचकर भौतिक सत्यापन भी नहीं किया गया।

