न्यूज़लिंक हिंदी। लखनऊ से हैरान करने वाला मामला सामने आया, केजीएमयू के क्वीनमेरी में चिकित्सकों ने महिला के गर्भाशय का जब ऑपरेशन किया तो फाइब्रॉइड (गांठ) गर्भाशय से निकली।
फाइब्रॉइड करीब चार किलो का है। चिकित्सकों का दावा है क्वीनमेरी में इतने बड़े फाइब्रॉइड की सर्जरी इससे पहले नहीं हुई थी। महिला 14 साल की उम्र से बेहद परेशान थी। वर्तमान में फाइब्रॉइड इतना बड़ा हो गया था कि महिला 36 सप्ताह की गर्भवती लग रही थी।
क्वीनमेरी महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता देव ने बताया कि बाराबंकी के देवा क्षेत्र की निवासी निवासी शहीदुन को रक्तस्राव होने पर परिजन बीते दिनों उसे लेकर यहां आए थे। महिला का पेट 36 सप्ताह की गर्भवती जितना फुला हुआ था।
जब डॉक्टर ने जांच करी तो फाइब्रॉइड की पुष्टि हुई। तत्काल ऑपरेशन के फैसला लिया गया। महिला को खून की कमी होने पर दो यूनिट खून भी चढ़ाया गया। आनन-फानन में ओटी तैयार कराई गई। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए वेंटिलेटर पहले से ही तैयार किया गया। महिला के गर्भाशय से चार किलो का वजनी फाइब्रॉइड (गांठ) गर्भाशय में थी।
30 सेंटीमीटर का फाइब्रॉइड निकाला गया। डॉ. सुजाता ने बताया महिला को यह समस्या 14 साल की उम्र से ही थी। जब से वह बहुत ही प्रेसन थी। अक्सर ब्लीडिंग होती थी। लेकिन दवा लेकर व रुक जाती थी। इसलिए महिला ने इलाज नहीं कराया। सालों तक इसका दर्द झेलती रही। दो साल पहले उसकी शादी हुई। गर्भधारण न होेने पर पति ने डॉक्टर को दिखाया तो पता चला कि उसको फाइब्रॉइड की समस्या है।

