न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला, 25 हजार के इनामी और हत्या के प्रयास के गिरफ्तार आरोपित को थाने से छुड़ाने के लिए विधायक अभिजीत सिंह सांगा सैंकड़ों समर्थकों के साथ ग्वालटोली थाने पहुंच गए।
जब पुलिस अधिकारियों ने आरोपित को छोड़ने से मना कर दिया तो देर रात विधायक थाने के बाहर धरना देकर बैठ गए। इस प्रकरण में आरोपित की तरफ से भी एक तहरीर दी गई है, जिसमें चौकी प्रभारी पर रिश्वत न देने पर गिरफ्तार करने और थाने में मारपीट का आरोप लगाया है। देर रात तक हंगामा चल रहा था।
ग्वालटोली के धारमखेड़ा निवासी गुड्डी देवी ने 30 मार्च को गांव के चन्द्रशेखर, शिवा, बसीठ, अंकित, नीरज, परिवेश, जितेन्द्र और संजय के खिलाफ बलवा, मारपीट, हत्या के प्रयास समेत धारा में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोपित शिवा तब से फरार चल रहा था। उस पर 25 हजार का इनाम भी रखा गया था।
बुधवार दोपहर पुलिस ने शिवा को गिरफ्तार कर लिया। शिवा का आरोप है कि मंगलपुर चौकी प्रभारी कौशिंदर ने उसे दोपहर करीब 12 बजे यह कहकर बुलाया था कि उसका समन आया है। इस पर वह चौकी पहुंचा,जहां उसे बैठा लिया गया और उसे बताया गया कि उस पर मुकदमा पूर्ण दर्ज है। अगर जेल नहीं जाना चाहते हो तो 50 हजार रुपये का इंतजाम करो।
उसने रुपये देने से इन्कार कर दिया, जिस पर उसे शाम को ग्वालटोली थाने ले जाकर पीटा और करीब पौने सात बजे चालान कर दिया। इसकी जानकारी होने पर विधायक अभिजीत सांगा 500 से ज्यादा समर्थकों के साथ ग्वालटोली थाने पहुंच गए। उन्होंने शिवा को छोड़ने का दबाव बनाया, लेकिन पुलिस ने आरोपी को बिल्कुल नहीं छोड़ा।
विपक्षी उस पर इसलिए दबाव बना रहे हैं,जिससे वह अपने मुकदमे की पैरवी न कर सके। शिवा को न छोड़ने पर विधायक पुलिसकर्मियों पर जमकर बरसे और समर्थकों के साथ हंगामा करते हुए धरने पर बैठ गए। आधी रात के बाद विधायक लौटे तक हंगामा शांत हुआ।
विधायक समर्थकों की भीड़ जमा होने के बाद जब डीसीपी सेंट्रल ग्वालटोली थाने पहुंचे तो उन्होंने सबसे पहले थाने में पुलिस बल बढ़ाया। देखते ही पुलिस ने थाने को छावनी में तब्दील कर दिया। समर्थकों की संख्या के बरामद पुलिसकर्मियों ने माेर्चा संभाला। वहीं दूसरी ओर थाना प्रभारी इतनी भीड़ को देखकर मुंशियाने में जाकर छिप गए।
डीसीपी सेंट्रल आरएस गौतम ने कहा कि पुलिस ने एक मुकदमे में वांछित इनामी आरोपित को गिरफ्तार किया है। कुछ भी गड़बड़ नहीं हुई है। आरोपित पक्ष की ओर से जो तहरीर दी गई है, उस पर एसीपी स्तर के अधिकारी से मुख्य जांच कराई जाएगी।

