न्यूज़लिंक हिंदी। केस्को की बड़ी लापरवाही ,बरसात के मौसम में बिजली के खंभे में अक्सर करंट उतर आते हैं , जलभराव के समय बिजली के खंभों में करंट उतरने की तमाम शिकायतें सामने आई हैं।
अब तक शहर में खंभों में उतरे करंट की चपेट में एक दर्जन गोवंश आ चुके हैं, लेकिन केस्को अधिकारियों द्वारा इस संबंध में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। शहर में केस्को के करीब एक लाख बिजली के खंभे लगे हैं, लेकिन इन खंभों पर कब और कैसे करंट उतरा जाए, यह खुद केस्को के अधिकारी भी बिल्कुल नहीं जानते हैं।
बारिश के मौसम में खंभों में करंट उतरने की संभावना काफी बढ़ जाती है। लेकिन केस्को द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि जून के अंतिम सप्ताह से लेकर अभी तक एक दर्जन गोवंश करंट की चपेट में मुख्य रूप से आ चुके हैं।
पीरोड वनखंडेश्वर चौराहा के पास शनिवार रात एक गाय करंट की चपेट में आ गई थी। लोगों ने केस्को में कॉल करके तत्काल शटडाउन लेने को कहा। कुछ देर बाद जब शटडाउन लिया गया तो क्षेत्रीय लोगों ने गोवंश को हटाकर पशु चिकित्सक से उसका तुरंत ही इलाज कराया।
मिली जानकारी के मुताबिक बिजली के खंभों के पास जहां कटे व सटे तार थे, उनको संयुक्त रूप से ठीक कर लिया गया है। बस कुछ जगह कार्य होना बाकी है। अपील है कि बारिश के मौसम में लोग बिजली के खंभों के सटकर या पास न खड़े हों। बिजली के खंभों से जानवरों को भी नहीं बांधे।
शहर में देर रात हुई बारिश के कारण कई क्षेत्रों की बिजली भी गुल रही। चार नए एचटी पोल लगाने की वजह से थम्सअप और अपट्रॉन फीडर की बिजली रविवार को दोपहर 11 बजे से शाम छह बजे तक मुख्य रूप से गुल रही।
आइसोलेटर खराब होने से खास बाजार फीडर, एचटी लाइन पर पेड़ की डाल आने से बीमा चौराहा फीडर, टाट मिल फीडर व आरटीओ फीडर, ट्रॉली में फॉल्ट होने से जंगली देवी फीडर, बाबूपुरवा व हैरिसगंज, गिरधर कोल्ड स्टोरेज, कालपी रोड, दर्शनपुरवा फीडर और सीटी बदलने के कारण इस्पात नगर फीडर में बिजली संकट लगातार बना रहा।

