न्यूज़लिंक हिंदी। होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट चलाने वाले कारोबारी को बेहद परेशानी हैं , लाइसेंस शुल्क बढ़ने से लोग बहुत परेशान हैं। कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक साल में लाइसेंस शुल्क में 60 गुना की वृद्धि हुई है।
जिससे कारोबार करना अब बढ़ा ही मुश्किल हो गया है। लाइसेंस शुल्क बढ़ने के चलते इसका असर आम लोगों पर भी पड़ रहा है। हालांकि, कारोबारियों ने MCD अधिकारियों से इसकी शिकायत भी मुख्य रूप से की है, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
राष्ट्रीय राजधानी में होटल, गेस्ट हाउस और रेस्टोरेंट के लिए हर वर्ष दिल्ली नगर निगम लाइसेंस शुल्क के एवज में 500 रुपये शुल्क ही वसूलता था। इब इसे बढ़ाकर अब 30 हजार रुपये कर दिया है। इससे होटल कारोबारी बहुत ज्यादा परेशान हैं।
दिल्ली होटल महासंघ के जनरल सेक्रेटरी पवन मित्तल बताते हैं कि दिल्ली में 2,500 से ज्यादा होटल हैं। पहले होटल का एमसीडी टैक्स 15 प्रतिशत होता था, जिसे बढ़ाकर अब लगभग 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
मित्तल का कहना है कि पहले दिल्ली में टैक्स के अलावा पार्किंग शुल्क प्लॉट की साइज के हिसाब से लिया जाता था। लेकिन अब होटल की मंजिल के हिसाब से यह शुल्क संयुक्त रूप से लिया जा रहा है। पवन ने बताया कि इसके विरोध में MCD के सीनियर अधिकारियों से भी मुलाकात की थी।
उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद लाइसेंस शुल्क को कम करने का भी आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव तो अब खत्म हो गया, अब तक लाइसेंस शुल्क की फीस में कोई भी कमी नहीं आई।
होटल एंड रेस्टोरेंट ओनर्स असोसिएशन के चेयरमैन संदीप खंडेलवाल ने मुख्य रूप से बताया कि लाइसेंस शुल्क को कम करने के लिए MCD कमिश्नर और LG को कई बार पत्र भी लिखा गया है, लेकिन अब तक कारोबारियों को राहत नहीं मिली। इसका असर अब व्यापार पर भी पड़ रहा है।

