न्यूज़लिंक हिंदी। जम्मू रीजन के कठुआ जिले में आतंकियों ने सोमवार को हमला किया था। इसमें सेना के पांच जवान शहीद भी हो गए। पांच जवान घायल भी हुए, जिनका इलाज भी चल रहा है।
ये हमला जिला मुख्यालय से करीब 150 किलोमीटर दूर मछेड़ी-किंडली-मल्हार पहाड़ी मार्ग पर किया गया। इस रास्ते से सुरक्षाबलों की पेट्रोलिंग टीम गुजरती है। जिस तरह से घात लगाकर हमले को अंजाम दिया गया, पहले ग्रेनेड फेंका गया फिर अंधुाधुंध फायरिंग की गई,ये बताता है कि आतंकियों ने लंबी रेकी की थी।
इस हमले को लेकर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद कहते हैं, बिलावर तहसील के मछेड़ी गांव में सेना के वाहन पर हमला आहत करने वाला है। आतंकियों का ये वही ग्रुप है, जिसने 4 से 5 सप्ताह पहले घुसपैठ करने के बाद उधमपुर में वीडीसी की हत्या की थी। इसके बाद ये ग्रुप दो हिस्सों में बंट गया।
इसमें से पहले एक ग्रुप का खात्मा डोडा में किया गया। बचे हुए ग्रुप ने कठुआ में इस हमले को अंजाम दिया है। मुझे भरोसा है कि जल्द से जल्द इसे खत्म कर दिया जाएगा। इससे पहले भी पूर्व डीजीपी एसपी वैद जम्मू रीजन में आतंकी गतिविधियों पर बात कर चुके हैं। उनका कहना है कि इन हमलों को अंजाम देने वाले आतंकी घुसपैठ करके आ रहे हैं।
पिछले एक डेढ़ साल से राजोरी पुंछ इलाके को सीमा पार से टारगेट किया जा रहा है। कश्मीर संभाग में मात खाने के बाद पाकिस्तान अब जम्मू रीजन को निशाना बनाने की फिराक में है। वैद के घुसपैठ के दावे को सोमवार को हुआ आतंकी हमला और बल देता है। जम्मू रीजन में जून में हुए आतंकी हमलों को देखें और पूर्व डीजीपी वैद के बयान पर गौर करें तो ये साफ है कि आतंकी लोकेशन बदल-बदलकर हमलों को मुख्य अंजाम दे रहे हैं।
सुरक्षाबलों को चकमा भी दे रहे हैं। घात लगाकर हमला करने के बाद आतंकियों का आसानी से भाग जाना, इस बात की ओर इशारा करता है कि इलाके में उनके मददगार भी मौजूद हैं। ठुआ हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की तलाश में सुरक्षाबल बड़ा ऑपरेशन अभी भी चला रहे हैं। सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम इस ऑपरेशन को मुख्य अंजाम दे रही है।

