न्यूज़लिंक हिंदी। रविवार को एक बांग्लादेशी युवती को उसकी दो महिला सहयाेगियों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बांग्लादेशी युवती करीब छह महीना पहले चोरी छिपे बॉर्डर पार करके भारत आई और कानपुर में आकर रहने लगी।
पुलिस युवती के साथ-साथ उसके सहयोगियों से भी मुख्य पूछताछ कर रही है, ताकि छिपकर रहने के उनके उद्देश्यों के बारे में पता लगाया जा सके। तीनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
संदिग्ध व्यक्तियों व वाहनों की चेकिंग के लिए इन दिनों कमिश्नरेट में ऑपरेशन प्रभात प्रहरी भी चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जगह-जगह संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की मुख्य चेकिंग भी की जा रही है।
डीसीपी पश्चिम विजय ढुल ने बताया कि पुलिस को रविवार गोपनीय सूचना मिली कि एक बांग्लादेशी युवती राधापुरम, कश्यपनगर में दो महिला सहयोगियों के साथ रह रही है। पुलिस ने सूचना के आधार पर बारासिरोही नहर पुल के आगे सवारी के इंतजार में खड़ी तीनों को हिरासत में ले लिया। बातचीत के दौरान ही समझ में आ गया, क्योंकि युवती न तो हिंदी बोल पा रही थी और न ही कुछ भी समझ पा रही थी।
पूछताछ में 20 वर्षीय युवती ने बताया कि उसका नाम नाजमा पुत्री महफूज अली है, जोकि बांग्लादेश के सूविला फातियाबाद थाना देवीदार जनपद कुमिला की मुख्य रूप से रहने वाली है। वह यहां पर पूजा बनकर रह रही थी। उसके साथ जो अन्य दो महिलाएं थी, उनमें एक रीना पत्नी भोला प्रसाद कश्यप, 24 परगना थाना नहटी, कोलकाता और दूसरी ज्योति निषाद पत्नी विनय, भोगल निजामुद्दीन राजदूत होटल के सामने थाना निजामुद्दीन नई दिल्ली की मुख्य रूप से रहने वाली है।
नाजमा ने पूछताछ में बताया कि वह लगभग छह माह पूर्व सीमा पार करके भारत में चुप चाप आ गई थी। छिपते छिपाते वह कानपुर पहुंची और यहीं आकर रहने लगी। उसके पास अपनी पहचान से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं है। हालांकि उसने आसानी से स्वीकार कर लिया कि वह बांग्लादेशी की ही नागरिक है। पुलिस ने मामले में विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज करके संयुक्त रूप से जांच शुरू कर दी है।

