न्यूज़लिंक हिंदी। बांग्लादेश में लगातार संयुक्त रूप से आरक्षण की हिंसा जारी है, हिंसा की दहशत में राजस्थान के कोटा-बूंदी जिलों के कई छात्र जो वहां एमबीबीएस करने गए थे, वह बुरी तरह से फंसे हुए हैं।
वह घर आना चाहते हैं। रविवार रात को भारत लौटे छात्रों में दो छात्र कोटा वापस लौटे हैं। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी बांग्लादेश में फंसे अपने बेटे बेटियों की घर वापसी को लेकर पेरेंट्स लगातार संपर्क साध रहे हैं। भारतीय दूतावास के जरिए बच्चों को घर लाने की गुहार भी की जा रही है।
बांग्लादेश के ढाका से कुछ बच्चे रविवार को भारत लौटे हैं। इनमें राजस्थान के कुल 6 बच्चे भी मौजूद है। और उनमें भी कोटा के दो छात्र हैं। कोटा का एक छात्र, एक छात्रा अभी लौट आए हैं। बड़ी मुश्किल लौटने में इन बच्चों को हुई। हालत खराब है। हॉस्टल में खाना पीना तो मिल रहा है। 4 दिन से फोन इंटरनेट सब कुछ बंद है।
कोटा नदी पार क्षेत्र के कुन्हाड़ी इलाके में रहने वाला हिमांशु गुर्जर बांग्लादेश में एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष स्टूडेंट भी है। जो ढाका से लौट आया है। हिमांशु गुर्जर ने कहा कि ढाका के हसनाबाद इलाके में वसुंधरा मेडिकल कॉलेज का छात्र है। कुछ दूरी पर डेल्टा मेडिकल कॉलेज में अटैक हुआ, चार दिन से वे लोग बहुत ही खतरे में थे।
बम धमाकों से पूरी तरह से डरा हुआ माहौल था। दोपहर में दंगे भी भड़क गए थे। इसलिए रात 1 बजे के करीब चुपचाप वहां से निकले। हम लोग इतना डर चुके थे कि वहां रहने की बजाय घर आना ज्यादा मुनासिब समझ रहे थे और हम लोग कुल 45 छात्र छात्राएं भारत आए हैं।

