न्यूज़लिंक हिंदी। कानपुर शहर के सबसे बड़े डीएवी कॉलेज में पीजी की लगभग 90 फीसदी से ज्यादा सीटें खाली पड़ी हैं। 24 जुलाई प्रवेश लेने की अंतिम तिथि है।
कॉलेज में पीजी के 21 कोर्स संचालित होते हैं, जिनमें लगभग 3,625 सीटें हैं। डीएवी में पीजी के लिए कॉमर्स की सबसे अधिक 150 सीटें हैं, इनमें 33 सीटों पर ही युवाओं ने प्रवेश लिए हैं। हिंदी की 140 सीटों में 6, अंग्रेजी की 140 में 18 सीटों पर ही प्रवेश हुए हैं।
अर्थशास्त्र की 210 में सिर्फ 6 सीटों पर ही प्रवेश हो पाए हैं। पीजी की प्रवेश की इस स्थिति से प्रबंधतंत्र परेशान है। माना जा रहा है कि स्नातक अंतिम वर्ष के ज्यादातर छात्र कॉलेज में पीजी कोर्स में प्रवेश लेते थे, जो इस बार प्रवेश नहीं ले रहे हैं। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि पीजी में कम प्रवेश होना मुख्य चिंता का विषय है।
पीजी में कम प्रवेश होने की स्थिति एएनडी कॉलेज में भी है। यहां 12 विषयों में पीजी कोर्स संचालित होते हैं। इनमें 720 सीटें है। स्थिति यह है कि हर विषय में महज पांच से छह प्रवेश ही अब तक हुए हैं।
पीपीएन कॉलेज में भी पीजी सीटों पर 20 फीसदी ही प्रवेश हुए हैं। प्रचार्य प्रो. अनूप सिंह ने बताया कि पीजी के 13 विषयों में 580 सीटें हैं। अभी तक 20 फीसदी सीटें ही मुख्य रूप से भर पाई हैं। यूजी फाइनल के 300 छात्र ऐसे हैं जो इस बार फेल हुए हैं। कॉलेज में बीएससी में 220 में से 85 सीटें खाली हैं।

