न्यूज़लिंक हिंदी। राज्य सरकार यूपी के इतिहास की सबसे बड़ी पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा को पारदर्शी तरीके से कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम में जुटी है।
इसके तहत यूपी पुलिस और यूपी STF की सुभासपा विधायक बेदीराम सहित 1,500 से ज्यादा अपराधियों और संदिग्धों पर लगातार नजर भी रखी है। इनमें से कई संदिग्ध ऐसे हैं, जो पिछले 12 सालों में पेपर लीक और सॉल्वर गैंग जैसी गतिविधियों में लिप्त भी हैं। 23 अगस्त को होने वाली परीक्षा के लिए मंगलवार से यूपी पुलिस भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड होने शुरू भी हो गए।
अभ्यर्थी अपनी परीक्षा तारीख के तीन दिन पहले से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा के दौरान धार्मिक चिह्न जैसे मंगलसूत्र, कड़ा आदि पर रोक बिल्कुल भी नहीं है।
बोर्ड के अध्यक्ष राजीव कृष्ण ने बताया कि सिपाहियों के लगभग 60,244 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा के लिए प्रदेश के 67 जिलों में 1154 केंद्र भी बनाए गए हैं, जहां 23, 24, 25, 30 और 31 अगस्त को दो-दो पालियों में परीक्षा होगी। सभी परीक्षा केंद्र शहरों में बनाए गए हैं।
इन पांच दिनों में लगभग 48,17,441 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। अब तक 48 लाख अभ्यर्थियों का आधार सत्यापन भी करवाया जा चुका है। इस दौरान 20 हजार अभ्यर्थी संदिग्ध भी पाए गए हैं। ये वे अभ्यर्थी हैं, जिनके फिंगर प्रिंट, जन्मतिथि, निवास पत्र या फोटो आधार से मैच नहीं हो रहे हैं।
इन सभी को परीक्षा के दिन केंद्र पर ढाई घंटे पहले सप्लीमेंट्री कागज के साथ पहुंचने के मुख्य निर्देश भी दिए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर पहले इन सभी का ई-केवाईसी होगा, इसके बाद परीक्षा की अनुमति दी जाएगी।
सरकार के निर्देश पर अभ्यर्थियों से यूपी रोडवेज बसों में बिल्कुल भी किराया नहीं लिया जाएगा। उनका एडमिट कार्ड ही उनका मुख्य टिकट होगा। इसके लिए उन्हे अपने एडमिट कार्ड की छायाप्रति कंडक्टर को देनी होगी।

