न्यूज़लिंक हिंदी। योगी सरकार ने सरकारी कर्मियों को दिया बड़ा झटका , शासन के आदेश और रिमाइंडर के बाद भी मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का ब्योरा न देना यूपी के कर्मचारियों पर भारी पड़ गया।
इनका अगस्त माह का वेतन रोक दिया गया है। राज्यकर्मियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा देने के लिए कहा मुख्य रूप से गया था। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने सभी विभागों को पत्र लिखकर 31 अगस्त तक ब्योरा उपलब्ध करवाने को कहा था। हिदायत भी दी गई थी कि अगर ब्योरा नहीं दिया, तो वेतन भी रोक दिया जाएगा।
बावजूद इसके बाद भी 6.02 लाख कर्मचारियों ने ही संपत्ति का खुलासा किया है। सूत्रों का कहना है कि अब भी जानकारी न देने वाले कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यूपी के सरकारी विभागों में आठ लाख 46 हजार 640 कर्मचारी काम करते हैं। मुख्य सचिव की ओर से जारी आदेश में ये भी कहा गया था कि सरकारी कर्मचारियों को आईएएस और पीसीएस की तर्ज पर अपनी संपत्ति का ब्योरा ऑनलाइन दर्ज कराना होगा।
इसमें शिक्षकों के साथ निगमों और स्वायत्तशासी संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को नहीं शामिल किया गया था। मुख्य सचिव के आदेश के बाद भी कर्मचारियों ने संपत्तियों को ब्यौरा देने में हीलाहवाली भी दिखाई है। यूपी सरकार ने इस तरह का आदेश साल 2010 में भी दिया था जब सूबे में मायावती की सरकार थी।
लेकिन कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसका मुख्य उल्लंघन भी किया, इसलिए अब योगी सरकार पोर्टल पर संपत्ति की जानकारी देने को अनिवार्य बना रही है। सरकारी कर्मचारियों को अपने जमीन और जायदाद की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर संयुक्त रूप से देनी है। यूपी सरकार ने पिछले साल 2023 में 18 अगस्त को सरकारी कर्मचारियों के लिए ये आदेश जारी किया था।

