न्यूज़लिंक हिंदी। मच्छरों से होने वाले बुखार के मामले लगातार ज्यादा बढ़े हैं, ऐसे में देशभर से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं।
डेंगू बुखार का सबसे खतरनाक पहलू होता है प्लेटलेट्स काउंट का कम होना, ये बेहद ही खतरनाक स्थिति होती है। डेंगू के बुखार में वायरस की वजह से मरीज की प्लेटलेट्स तेजी से कम होने लगती है ऐसे में मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
इसलिए डॉक्टर मरीज की प्लेटलेट्स पर नजर बनाए रखते हैं और उसे बढ़ाने और सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। प्लेटलेट्स कम होने से पूर्व जानते हैं कि आखिर प्लेटलेट्स होती क्या है और ये हमारे लिए क्यों जरूरी है, दरअसल प्लेटलेट्स रक्त में मौजूद सबसे छोटी कोशिकाएं होती हैं जिन्हें केवल माइक्रोस्कोप की मदद से ही देखा जा सकता है।
ये रंगहीन होती हैं यानी इनका कोई रंग नहीं होता और ये हमारे शरीर में रक्तस्राव को रोकने में मदद करती हैं, इन्हें थ्रोम्बोसाइट्स भी कहते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति के खून में लगभग 1,50,000 से 4,50,000 प्लेटलेट्स प्रति माइक्रोलीटर होते हैं।
प्लेटलेट काउंट जानने के लिए, कम्पलीट ब्लड काउंट टेस्ट कराना पड़ता है। प्लेटलेट काउंट बढ़ाने के लिए विटामिन बी12 और सी, फोलेट, और आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ खाए जाते हैं।
जानिए लक्षण भयंकर सिरदर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, थकान और कमजोरी, आंखों में दर्द, शरीर पर दाने, हल्की ब्लीडिंग के निशान जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
यें हैं गंभीर लक्षण नाक, मसूढ़ों से खून बहना, पेट में तेज दर्द, खून की उल्टी, काले रंग का मल या पेशाब में खून स्किन पर छोटे लाल-भूरे रंग के धब्बे जैसे लक्षण दिखाई देते है।

