न्यूज़लिंक हिंदी। आज श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर के नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। इसके लिए मंच भी तैयार है। अब्दुल्ला 2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री होंगे।
अनुच्छेद 370 हटने के बाद तत्कालीन राज्य को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित भी किया गया था। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में अब्दुल्ला का यह दूसरा कार्यकाल होगा। पहले कार्यकाल में वह 5 जनवरी, 2009 और 8 जनवरी, 2015 के बीच जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री बने थे। उमर अब्दुल्ला को शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 11.30 बजे शपथ दिलाएंगे।
कहा जा रहा है उपराज्यपाल सिर्फ 4 चुने हुए विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाएंगे। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें ही जीतीं। पांच निर्दलीय विधायकों और आम आदमी पार्टी के एक विधायक के समर्थन से बहुमत और मजबूत हुआ। भारतीय जनता पार्टी ने 29 सीटें जीतीं, जबकि 2014 के विधानसभा चुनावों में उसे 25 सीटों पर जीत मिली थी।
जम्मू और कश्मीर में जून 2018 से राष्ट्रपति पूर्ण रूप से शासन लागू था, जब बीजेपी ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस भी ले लिया था।

