न्यूज़लिंक हिंदी। आज जानिए विवाह पंचमी के दिन क्यों होती है केले के पेड़ की पूजा, हिन्दू धर्म में विवाह पंचमी मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हर साल बड़े ही उत्साह से मनाई जाती है।
इस दिन भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था, इसे श्री राम विवाह उत्सव भी कहा जाता हैं और इस वर्ष विवाह पंचमी 6 दिसंबर दिन शुक्रवार को है। मान्यता है कि माता सीता का स्वयंवर मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था। विवाह पंचमी के दिन अयोध्या और जनकपुर में राम की बारात निकाली जाती है। इसके अलावा विवाह के पांचवें दिन केले के पेड़ की पूजा की जाती है।
और ऐसा माना जाता है कि घर में केले का पेड़ लगाना बहुत शुभ माना जाता है, इसका संबंध भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और बृहस्पति से है। केला भगवान विष्णु का प्रिय वृक्ष माना जाता है। यदि आप अपने आंगन या बगीचे में केले का पेड़ लगाते हैं तो आपको इसका शुभ फल मिलता है।
यानि पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 05 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 06 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर ही समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, इस साल 06 दिसंबर को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
विवाह पंचमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, इसके बाद पीले वस्त्र पहनकर केले के पेड़ पर पीली रस्सी बांधें। हल्दी-चंदन के साथ फूल चढ़ाने के बाद धूप और घी का दीपक जलाएं, भगवान राम के मंत्रों का जाप करें और श्रीराम भगवान विष्णु का ही एक रूप हैं। केले के पेड़ की पूजा करते समय लक्ष्मीनारायण का ध्यान भी करें।
इसके बाद अक्षदा, पंचामृत, सुपारी, लौंग, इलायची, दीपक जैसी चीजें चढ़ाएं, फिर केले के पेड़ की 21 बार परिक्रमा करें और केले के पेड़ के सामने अपनी विवाह संबंधी मनोकामना भी करें।
विवाह पंचमी के दिन कुछ लोग अपनी बेटियों का विवाह नहीं करने का कारण माता सीता और भगवान श्री राम का वैवाहिक जीवन है, लेकिन दूसरी ओर ऐसी भी मान्यता है कि विवाह पंचमी पर माता सीता और भगवान श्रीराम की विशेष कृपा भी होती है। इसलिए विवाह पंचमी पर कुछ विशेष उपाय करने से वैवाहिक जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर हो जाती हैं।
विवाह के 5वें दिन केले के पेड़ की पूजा करने से बृहस्पति ग्रह से जुड़े दोष भी दूर हो जाते हैं, देवगुरु बृहस्पति को विवाह, संतान, धर्म जैसे मामलों के लिए महत्वपूर्ण भी माना जाता है। जिन लोगों के विवाह में बाधाएं आ रही हैं या उनका वैवाहिक जीवन ठीक नहीं चल रहा है, तो विवाह पंचमी के दिन केले के पेड़ की पूजा करने से पार्टनर के साथ रिश्ते मधुर होंगे और गुरु के नकारात्मक प्रभाव से पूरी तरह से छुटकारा मिलता है।

