न्यूज़लिंक हिंदी। ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर हुआ घमासान बवाल, भड़की हिंसा मामले की जांच के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी प्रतिनिधिमंडल का दौरा निर्धारित था।
इसको लेकर संभल जिला प्रशासन ने गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर समेत तमाम पड़ोसी जिलों से अनुरोध भी किया था कि राहुल गांधी को संभल आने से रोका जाए। गाजीपुर बॉर्डर पर इस मामले को लेकर चौकसी बरती गई। सुबह से ही लोगों को रोका गया। इस कारण वाहनों की गति धीमी हुई। इससे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जाम जैसी स्थिति बनी रही।
इसे लोगों को बहुत ही ज्यादा आक्रोशित किया। जैसे ही राहुल गांधी का काफिला गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली की तरफ रवाना हुआ, गुस्साए लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता जमकर आपस में भिड़ गए। लोगों ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर थप्पड़ों की बारिश कर दी।
गाजीपुर बॉर्डर से करीब 2 घंटे बाद राहुल गांधी का काफिला निकला। गाजीपुर बॉर्डर से उनके निकलते ही कांग्रेस कार्यकर्ता और आम लोगों में भिड़ंत हो गई। आम लोगों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अपना गुस्सा भी निकाला। दरअसल, राहुल गांधी के जाने के बाद भी लोग पुलिस बैरिकेडिंग पर जुटकर प्रदर्शन कर रहे थे।
लोगों ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के दिल्ली की तरफ रवाना होने के बाद सड़क पर यातायात सुचारू कराने की मुख्य मांग की। इस पर पुलिस प्रशासन की ओर से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के वहां जमा होने को कारण बताया गया। लोगों ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं से सड़क खाली करने की मांग शुरू कर दी।
लोगों के विरोध ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गुस्सा भी दिला दिया। कांग्रेस कार्यकर्ता ने विरोध कर रहे व्यक्ति का कॉलर भी पकड़ लिया। इसके बाद जुटे लोगों ने बैरिकेडिंग के पास जुटे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं पर थप्पड़ों की बौछार भी शुरू कर दी।

