महाकुंभ 2025: कानपुर में गंगा में गिर रहे नाले, यूपीपीसीबी के निरीक्षण में मिली अनियमितता

कानपुर में टैप्ड बाबाघाट नाले से रोजाना गंगा नदी में गिर रहा 10 एमएलडी सीवेज

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यूपीपीसीबी ने फोटो जारी किये हैं।

महाकुंभ 2025 से पहले कानपुर में मां गंगा की निर्मलता के साथ खिलवाड़ हो रहा है। यहां लगातार नालों से सीवेज गंगा नदी में जा रहा है। सोमवार को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों के निरीक्षण में टैप्ड दो नालों से अशोधित सीवेज गंगा नदी में जाते मिला है। टैप्ड म्योरमिल (बाबाघाट नाले) का सीवेज बाबाघाट सीवेज पंपिंग स्टेशन से ओवर फ्लो होकर गंगा नदी में सीधे मिल रहा है। अधिकारियों के अनुसार प्रतिदिन 10 एमएलडी सीवेज गंगा नदी में जा रहा है। इसी तरह टैप्ड टैफ्को नाले से भी सीवेज का पानी रिसकर गंगा नदी में जा रहा है। जिससे गंगा लगातार दूषित हो रही है।

गंगा नदी की शुद्धता बनाये रखने के उद्देश्य से सोमवार को यूपीपीसीबी के अधिकारियों ने म्योरमिल (बाबाघाट) नाले एवं टैफ्को नाले का निरीक्षण किया। म्योरमिल (बाबाघाट) नाला टैप्ड है। नाले से निकल रहे सीवेज को 7.5 एमएलडी क्षमता के बाबाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन के माध्यम से शोधन के लिये जाजमऊ क्षेत्र में स्थित संयुक्त सीवेज पम्पिंग स्टेशन भेजा जाता है। बाबाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन में निरीक्षण में कुल 05 पम्प पाए गये जिसमें 3 संचालित और 2 स्टैण्ड बाई पर मिले।

निरीक्षण के समय पम्प ऑपरेटर मुकेश कुमार ने बताया कि परेड क्षेत्र में स्थित 1200 एमएम डाया की आरसीसी ब्रिक बैरल लाइन को परेड मेट्रो स्टेशन के समीप से म्योरमिल नाले में डायवर्ट किया गया है। जिससे बाबाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन में लगे पम्पिंग स्टेशन में क्षमता से अधिक सीवेज मिल रहा है। जिसके कारण टैप्ड म्योर मिल नाले से लगभग 10 एमएलडी सीवेज ओवरफ्लो होकर गंगा नदी में सीधे मिल रहा है। अधिकारियों ने मौके पर गंगा नदी में सीवेज जाते जीपीएस फोटो ग्राफ्स भी जारी किये हैं।

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