मंगलवार को नगर निगम सदन में राजनीति के खूब रंग देखने को मिले। एक तरफ सपा विधायक को गुंडा कहने पर पार्षदों के बीच धक्का-मुक्की और खींचतान भी हुई वहीं दूसरी तरफ महापौर और सपा विधायक के बीच बातचीत का लहजा और तरीका ने स्वस्थ राजनीति की झलक दिखाई।
ये भी बता दें कि महापौर प्रमिला पांडेय ने सपा विधायक नसीम सोलंकी को बेटा और बहू कहकर संबोधित किया जिससे सदन में सकारात्मक माहौल बना। नगर निगम सदन में मंगलवार को राजनीति के दो रंग देखने को मिले। एक तरफ सपा विधायक को गुंडा कहने पर पार्षदों के बीच धक्का मुक्की और खींचतान हुई।
और अभद्र टिप्पणियों से विरोधी को परास्त करने की होड़ मची रही, वहीं दूसरी तरफ महापौर और सपा विधायक के बीच बातचीत का लहजा और तरीका ने स्वस्थ राजनीति की झलक भी दिखाई दी हैं।
नगर निगम सदन के पदेन सदस्य की शपथ लेकर पहली बार सदन में पहुंचीं सपा विधायक नसीम सोलंकी ने महापौर प्रमिला पांडेय को बुआ कहकर संबोधन किया तो महापौर ने उन्हें बेटा और बहू से संबोधित किया।
और उन्होंने कहा कि शहर के 52 लाख लोगों की चिंता उनको है। बजरंगबली नहीं हैं जो सीना चीरकर दिखा दें। वहीं पार्षदों के शोरशराबा और हंगामा करने पर नाराजगी भी जताते हुए कहा कि हंगामा करने वाले पार्षदों को एक मिनट में बाहर कर देंगी। शहर के विकास के लिए सदन में आते हैं, या शोरशराबा भी करने लगे।
और भाजपा पार्षद यशपाल सिंह ने कहा कि सिविल लाइंस स्थित व्यायामशाला में स्मार्ट सिटी मिशन से कार्य हुआ है लेकिन बाहरी लोग शुल्क ले रहे हैं, जबकि नगर निगम ने कार्य किया है तो वह रखरखाव करे।
इस पर सपा पार्षद रजत बाजपेयी ने ये भी कहा कि विधायक निधि से कार्य हुए हैं और इसमें लगी मशीनों का रखरखाव लोगों द्वारा भी किया जा रहा है।
और इसको लेकर सपा पार्षद रजत बाजपेयी में कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते नारेबाजी शुरू हो गई। इसी बीच सपा व भाजपा पार्षद सदन पटल पर आ गए। धक्का-मुक्की व खींचतान शुरू हो गई।
मारपीट की नौबत तक आ गई लेकिन पार्षद जावेद गुड्डू, सुहेल अहमद, नवीन पंडित, नीरज बाजपेयी, सौरभ देव, अवधेश त्रिपाठी ने बीच में पड़कर शांत भी कराया।