लोहड़ी का पर्व सिखों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है, इस दिन किसान अपनी नई फसल को काटना शुरु करते हैं। और इस दिन किसान भगवान से नए साल में भी अच्छी फसल की प्रार्थना की जाती है।
लोहड़ी का त्योहार हर साल 13 जनवरी को हिंदुओं और सिखों द्वारा बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है, लोहड़ी के त्योहार को उत्तर भारत में मनाए जाने वाले मुख्य त्योहारों में ही गिना जाता है।
लोहड़ी शीतकालीन संक्रांति की समाप्ति और रबी की फसलों की कटाई के प्रतीक के तौर पर मनाई जाती है। लोहड़ी के त्योहार पर हिंदू और सिख लोग नए वस्त्र पहनकर नाच गाना भी करते हैं।
इसके अतितिक्त हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति के एक दिन पहले लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है, ऐसे में साल 2025 में भी लोहड़ी मकर संक्रांति के एक दिन पहले यानी 13 जनवरी को ही मनाई जाएगी।
और वहीं नए साल पर 14 जनवरी को 8 बजकर 44 मिनट पर सूर्य देव का मकर राशि में प्रवेश भी होगा। और फिर इस दिन मकर संक्रांति मनाई जाएगी।