‘मकर संक्रांति’ के पावन अवसर पर महाकुम्भ-2025 में प्रथम ‘अमृत स्नान’ में सुबह 10 बजे तक संगम में 1.38 करोड़ लोगों ने स्नान किया। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति और खिचड़ी पर्व पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश के विभिन्न भागों में मकर संक्रांति का विशिष्ट पर्व विभिन्न रूपों में मनाया जाता है। यह पर्व हमारे देश की समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है।

इस वर्ष मकर संक्रांति इसलिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस पर्व पर महाकुम्भ प्रयागराज-2025 का प्रथम अमृत स्नान सम्पन्न हो रहा है।

महाकुंभ का पहला अमृत (शाही) स्नान करीब 12 घंटे बाद खत्म हो गया। जूना अखाड़ा समेत सभी 13 अखाड़ों के संत स्नान कर चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 2.38 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। श्रद्धालुओं पर हेलिकॉप्टर से लगातार फूल बरसाए जा रहे हैं।

वहीं, स्नान के बाद लोगों ने प्रयागराज से लौटना शुरू कर दिया है। इससे रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भारी भीड़ हो गई है। प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर पैर रखने की जगह नहीं है। लोगों को हॉल में रोक लिया जा रहा है। आने वाली ट्रेन के हिसाब से ही प्लेटफार्म पर भेजा जा रहा है।

वहीं, सुबह सुबह 6 बजे अमृत स्नान का अद्भुत दृश्य था। हाथों में तलवार-त्रिशूल और डमरू लिए संन्यासी हर-हर महादेव का उद्घोष करते हुए घाटों पर पहुंचे। महाकुंभ में पहली बार शाही स्नान की जगह अमृत स्नान शब्द का इस्तेमाल किया गया। भीड़ को देखते हुए आज लेटे हुए हनुमान मंदिर को बंद कर किया गया।


