आज बदायूं में नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम शम्सी जामा मस्जिद मामले की सुनवाई होनी है। पिछली तारीख पर सुनवाई इसलिए टल गई थी कि यहां एक वकील के बेटे का निधन ही हो गया था।
इसके चलते वकील आज कोर्ट भी नहीं पहुंचे थे। अब नीलकंठ महादेव मंदिर बनाम शम्सी जामा मस्जिद केस की सुनवाई के लिए आज यानि की 11 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई है।
और ये ही बता दें कि सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अमित कुमार की कोर्ट में इस केस की सुनवाई हो रही है।
इस मुकदमे के वादी अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल ने साल 2022 में शम्सी जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा दायर किया था। कोर्ट में सरकार पक्ष की तरफ से बहस पूरी ही हो चुकी है।
और रिपोर्ट में पुरातत्व विभाग ने इसे अपनी संपत्ति बताया है। अब इंतजामिया कमेटी और वक्फ बोर्ड इसमें प्रतिवादी संख्या एक और दो हैं। ये अब अपनी बहस करेंगे इनके बाद वादी पक्ष की बहस शुरू होगी। बहस का यह मुद्दा यह है कि यह मामला सुनवाई योग्य है या नहीं है।
इसके अलावा आज मुस्लिम पक्ष अपनी दलीलें पेश कर सकता है। बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए कहा था कि जब निचली अदालतें इस तरह के मुद्दों पर अपना आदेश बिल्कुल भी नहीं दे सकती तो समय की बर्बादी न करते हुए केस को खारिज करने की बात कही गई थी।
और वहीं हिंदू पक्ष का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए अभी तक मना नहीं किया है इसीलिए सुप्रीम कोर्ट के अग्रिम आदेश तक आप सुनवाई जारी रखिएगा। बताया जा रहा है कि मुस्लिम पक्ष के बाद अब हिंदू पक्ष अपनी बात रखेगा और फिर हिंदू पक्ष को सुना भी जा सकता है।
इसके अलावा शम्सी जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर के तमाम साक्ष्य मौजूद हैं। हमने मजबूती से नीलकंठ महादेव मंदिर का दावा पेश किया है।और कोर्ट का फैसला नीलकंठ महादेव मंदिर के पक्ष में आएगा।
वहीं मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने भी तर्क बताएं है बरहाल देखने वाली बात अब यह होगी कि कोर्ट आज की तारीख पर सुनवाई के दौरान क्या फैसला सुनाता हैं।