झारखंड की राजधानी रांची से सटे खूंटी ज़िले में तीन नाबालिग़ लड़कियों के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
पुलिस के मुताबिक़ इसकी घटना की शिकायत भी दर्ज़ कराई गई, जिसके बाद अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया गया।
इसके साथ ही पुलिस के पास दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक पीड़ित लड़कियां एक वैवाहिक समारोह से लौट रही थीं, तभी रास्ते में उनके साथ ये घटना की वारदात हुई.
और यह घटना 21 फरवरी की है, परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने 23 फरवरी को मामला भी दर्ज कर सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया।
और पुलिस के मुताबिक़, इस मामले में 12 से 17 साल की उम्र के 18 नाबालिग़ों के शामिल होने का मुख्य आरोप है। और पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने अपना अपराध भी स्वीकार कर लिया है।
साथ ही अभियुक्तों के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला भी दर्ज किया गया है। सभी अभियुक्तों को बाल सुधार गृह भी भेज दिया गया है।
ये भी बता दें कि, “खूंटी ज़िले के एक गांव में लोटा पानी का कार्यक्रम था। सभी लड़कियां अपने परिजनों के साथ इस समारोह में शामिल होने गई थीं। अभियुक्त लड़के भी इसी समारोह में मौजूद थे। “
फिर एसपी ने कहा, “देर रात लगभग 10 बजे, जब पांच लड़कियां एक साथ अपने गांव के लिए लौट रही थीं, तब यह घटना हुई। कुछ लड़कों ने उनका पीछा किया।
और फिर नदी पार करने के दौरान लड़कों ने छेड़छाड़ शुरू कर दी और पांचों को जबरन पास के जंगल की ओर ले जाने की पूर्ण कोशिश की। “
पांच लड़कियों में सबसे बड़ी लड़की ने अपनी सहेलियों को बचाने की लगातार कोशिश भी करती रही।
और जब वह असफल रही, तो उसने खुद को छुड़ाने के लिए एक लड़के के हाथ पर दांत से काटा और भागने में सफल रही। और इसी दौरान, एक और लड़की भी वहां से निकलने में कामयाब रही।
फिर भागने में सफल रही दोनों लड़कियां समारोह वाली जगह पर पहुंचीं और अपने परिजनों को घटना की पूर्ण जानकारी दी। फिर पुलिस के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी अभियुक्तों को गिरफ़्तार भी कर लिया गया।
वहीँ पुलिस के मुताबिक़, हिरासत में लिए गए लड़कों में सबसे कम उम्र का अभियुक्त 13 साल का है, जबकि सबसे अधिक उम्र का अभियुक्त 17 साल का है।
वहीं, पीड़ित लड़कियों की उम्र 10, 13, 15 और 16 वर्ष बताई जा रही है। और सभी अलग-अलग स्कूलों में पढ़ती हैं। पीड़िताओं का बयान लेने के बाद उन्हें मेडिकल जांच के लिए भी भेज दिया गया।
और इसके तहत कम से कम दस साल, या आजीवन कारावास की सज़ा भी हो सकती। अगर अपराध 16 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ होता है, तो कम से कम सजा 20 साल, या आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है।
इसके साथ ही बच्चिया बहुत डरी हुई हैं। मंगलवार को कोर्ट में 164 के तहत उनका बयान भी दर्ज कराया गया है।
डीएलएसए की तरफ से सभी पीड़िताओं को तत्काल 10-10 हजार रुपए का चेक भी दिया गया है। घटना में जो सबसे कम उम्र का लड़का शामिल है, वो छठवीं क्लास का छात्र है।