बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दर्दनाक हादसा, और एक मासूम बच्ची इस हादसे में दर्दनाक मौत हो गई, जहां स्कूल में अपने दोस्तों के साथ खेलते-खेलते पहली कक्षा की एक छात्रा बाहर निकल गई।
तभी वह स्कूल के पास स्थित आटा चक्की मिल पर पहुंच गई। और जहां आटा चक्की मशीन की बेल्ट में फंसकर उसकी मौत हो गई।
बच्ची चक्की में इतनी बुरी तरह फंसी कि उसका सिर और हाथ कटकर धड़ से अलग हो गया। और आनन-फानन में परिजनों ने बच्ची के शव को दफनाया।
और मृतक बच्ची की पहचान मोतीपुर प्रखंड की रहने वाली चांदनी खातून के रूप में हुई है, जो उत्क्रमित मध्य विद्यालय, परसौनी नाथ उर्दू की पहली कक्षा की छात्रा थी। और इस हादसे के बाद स्कूल में अफरा तफरी मच गई।
फिर इस घटना के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया। और मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। और छात्रा के पिता मोहम्मद एजाज ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
ये भी बता दें कि इसके बाद पुलिस दो बार घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार भी कर दिया। हालांकि परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम के ही शव को दफना दिया।
और मिली जानकारी के मुताबिक मोहम्मद एजाज की पुत्री चांदनी खातून पहली कक्षा की छात्रा थी। स्कूल से दिन के करीब 12 बजे वह दोस्तों के साथ स्कूल कैंपस से बाहर निकल गई थी और लुका-छुपी खेलने लगी थी।
और खेलते-खेलते बगल में आटा चक्की में चली गई। तभी वह आटा चक्की के बगल में रखे चौकी के नीचे छुप गई थी। और जब वह बाहर निकल रही थी, तभी चक्की की बेल्ट की चपेट में आई और उसकी मौत हो गई।
इसके साथ ही ग्रामीणों ने हादसे का मुख्य कारण स्कूल प्रबंधन की लापरवाही बताई। एजाज के तीन बेटे और दो बेटियां थीं। और ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल मेन रोड के करीब है, जिस पर हर समय छोटे से लेकर बड़े वाहन तक चलते रहते हैं।
इसके बावजूद स्कूल के मुख्य गेट का ग्रिल दिनभर खुला रहता है, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके साथ ही राजेपुर ओपी अध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि सूचना के बाद पुलिस मौके पर गई थी।
और बच्ची की दर्दनाक मौत हुई है, लेकिन बच्ची के परिजनों ने पोस्टमार्टम की इजाजत बिल्कुल भी नहीं दी है। शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की चूक मुख्य रूप से सामने आ रही है। और अब स्कूल प्रिंसिपल से भी लगातार पूछताछ की जा रही है।