महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा की घटनाओं को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए लगाया कर्फ्यू, हिंसा के कारण तनाव के बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।
और नागपुर पुलिस आयुक्त रविंदर कुमार सिंघल की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कर्फ्यू अगले आदेश तक लागू भी रहेगा। और कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, लकड़गंज, पचपावली, शांतिनगर, सक्करदरा, नंदनवन, इमामवाड़ा, यशोधरानगर और कपिलनगर थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया गया है।
ये भी बता दें कि आदेश में कहा गया है कि 17 मार्च को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लगभग 200 से 250 सदस्य औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग के समर्थन में नागपुर के महल इलाके में शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास जाकर एकत्र हुए।
और प्रदर्शनकारियों ने कब्र को हटाने की मांग करते हुए नारे लगाए और गोबर के उपलों से भरा एक प्रतीकात्मक हरा कपड़ा भी दिखाया।
और बाद में शाम 7:30 बजे, लगभग 80 से 100 लोग कथित तौर पर भालदारपुरा में एकत्र हुए, जिससे तनाव और भी पैदा हुआ और कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई।
और किसी भी व्यक्ति को चिकित्सा कारणों के अलावा घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए, न ही घर के अंदर पांच से अधिक लोगों को इकट्ठा होना चाहिए।
और साथ ही, किसी भी तरह की अफवाह फैलाने पर रोक लगाने और इस तरह के सभी काम करने पर रोक लगाने के आदेश भी दिए गए हैं।
और इसके अलावा, पुलिस को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में सड़कें बंद करने का अधिकार भी दिया गया है। और कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले व्यक्तिों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई भी की जाएगी।
और हालांकि, आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ सरकारी या प्रशासनिक अधिकारियों या कर्मचारियों, परीक्षाओं के लिए उपस्थित होने वाले छात्रों और फायर ब्रिगेड और विभिन्न विभागों से संबंधित व्यक्तियों पर बिल्कुल भी लागू नहीं होगा।
और इसके साथ ही नागपुर पुलिस ने बताया कि महल इलाके में हिंसा के बाद रात भर तलाशी अभियान चलाकर 50 से 60 लोगों को हिरासत में भी लिया गया है। और ये भी पता चला है कि हिंसा में 20 से 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुळ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
फिलहाल, महल और भालदारपुरा इलाके में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। हालांकि, पुलिस आयुक्त सिंघल ने निवासियों को आश्वासन दिया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।