कानपुर बिठूर। बिठूर महोत्सव के प्रतिभागी कलाकारों व लाभार्थियों के सम्मान कार्यक्रम में रविवार को कानपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार महापुरुषों के सम्मान और गौरव को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। जो व्यक्ति और कौम महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान नहीं कर सकता, उसके लिए कोई जगह नहीं है। जिन्होंने भारत की आस्था पर प्रहार किया, सनातन संस्कृति को रौंदा, बहन-बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ की। जिन्हें भारत-भारतीयता से नफरत थी और जो आक्रांता बनकर देश की आस्था को कुचल रहे थे, वे भारत के लिए कभी आदर्श नहीं हो सकते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आक्रांताओं को आदर्श मानने वालों को तनिक भी शर्म महसूस होती है तो इन्हें गणतंत्र दिवस परेड पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के बयान ( हमारा डीएनए कभी जांचा जाएगा तो यह भारतीय निकलेगा) का स्मरण करना चाहिए। इंडोनेशिया दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बाहुल्य देश है। उनका बयान भारत के अंदर विदेशी आक्रांताओं को आदर्श मानने वालों की आंखों को खोलने वाला है। उम्मीद है कि इस बयान के बाद वे लोग भी छत्रपति शिवाजी, महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंह आदि महान क्रांतिकारियों के बारे में श्रद्धा का भाव रखते हुए ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ बनाने में योगदान देंगे।

सीएम ने बिठूर की गाथा का किया वर्णन
मुख्यमंत्री ने नानाराव पेशवा की पावन जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि बिठूर प्राचीन काल से ही भारत की आध्यात्मिक धरोहर की प्रतीक रही है। ब्रह्मा जी ने इस सृष्टि की रचना-अपने तप के लिए बिठूर की भूमि का चयन किया था। लव-कुश का लालन-पालन महर्षि वाल्मीकि के सानिध्य में इसी क्षेत्र में हुआ था। ध्रुवटीला बिठूर में है। मां गंगा के सानिध्य में बसी बिठूर नगरी कानपुर की आत्मा है। नाना जी पेशवा ने इसी धरती को केंद्र बनाकर 1857 की व्यूह रचना की थी। यहां रानी लक्ष्मीबाई ने तीरंदाजी, घुड़सवारी, युद्धकला के गुर इसी धऱती से सीखे थे। यह भूमि क्रांतिकारियों की नई प्रेरणा स्थली बनी थी। बिठूर, छत्रपति शिवाजी, नाना राव पेशवा, रानी लक्ष्मीबाई व तात्या टोपे के नाम पर हर भारतीयों की धमनियों में राष्ट्रभक्ति के रक्त का संचार होता है और हर भारतीय गौरव के साथ इन महापुरुषों का स्मरण करता है। बिठूर आज भी शौर्य व पराक्रम के लिए जानी जा रही है। रानी लक्ष्मीबाई भी हर किसी के लिए प्रेरणा बन गई। सीएम ने कहा कि आज ही भारत मां के वीर सपूत और युवाओं के प्रेरणास्रोत सरदार भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु का बलिदान दिवस भी है। इनके जीवन का लक्ष्य देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त करना था। सीएम ने डॉ. राम मनोहर लोहिया की जयंती पर उन्हें भी याद किया।
पीएम मोदी ने फिर से भारतवासियों को दी अविरल-निर्मल गंगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज महाकुम्भ में 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार ने व्यवस्था की थी, लेकिन यह आयोजन तब तक सफलता तक नहीं पहुंच सकता था, जब तक गंगा अविरल-निर्मल नहीं होती। 2019 के पहले सीसामऊ में गंगा नदी में प्रतिदिन चार करोड़ लीटर सीवर गिरता था, लेकिन आज वहां का सीवर प्वाइंटर सेल्फी प्वाइंट हो गया। अविरल-निर्मल गंगा के बिना कुंभ की सफलता पर प्रश्न खड़े हो गए होते। मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने नमामि गंगे परियोजना के माध्यम से भारतवासियों को पुनः निर्मल-अविरल गंगा दी। 1986 में गंगा एक्शन प्लान बना, लेकिन 2014 आते-आते गंगा पहले से अधिक प्रदूषित हो गईं। इससे जलीय जीव नष्ट हो गए थे। महाकुम्भ की सफलता नमामि गंगे की सफलता को प्रदर्शित करता है। पीएम मोदी ने 2014 में गंगा मैया के लिए जो सपना देखा था, महाकुम्भ की सफलता उसके साथ जुड़कर और नई ऊंचाइयों तक पहुंची है। अब गंगा नदी में फिर से जलीय जीव (डॉल्फिन) दिख रहे हैं।


