अलविदा की नमाज पर तमाम रोजेदारों ने काली पट्टी बांधकर वक्फ संशोधन बिल का किया विरोध, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमा अलविदा में रोजेदारों ने वक्फ संशोधन बिल के विरोध में अपने बाजू पर काली पट्टी बांधकर अलविदा की नमाज अदा की।
शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच शहर की करीब 500 मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। वक्फ संशोधन बिल के विरोध में हजारों रोजेदारों ने अपने बाजुओं पर काली पट्टी भी बांध रखी थी।
कई बच्चों के भी बाजुओं पर काली पट्टी बंधी थी। हलीम प्राइमरी मस्जिद में पेशइमाम कारी मोहम्मद अमीन ने नमाज अदा कराने के बाद दुनिया व अपने शहर के अमन-ओ-अमान के लिए दुआ भी कराई। मस्जिद आयशा कुलीबाजार में शहरकाजी मौलाना हाफिज अब्दुल कुद्दूस हादी ने अमन-चैन की दुआ भी कराई।
और दादा मियां मस्जिद में खानकाह के सज्जादानशीन सैयद अबुल बरकात नजमी ने तकरीर भी की। इसी प्रकार विभिन्न मस्जिदों में नमाज की गई। रमजान-उल-मुबारक के आखिरी जुमा को अलविदा की नमाज के पूर्व जब पेशइमाम ने रुंधे गले से अलविदा-ओ-अलविदा खुतबा भी शुरु किया तो लोग अपने आंसू नहीं रोक पाए।
मदरसा रज्जाकिया बासमंडी के मौलाना हाफिज अब्दुर्रहीम बहराइची का कहना है कि ये ऐसा महीना है जिसमें अल्लाह को राजी करने का सबसे सुनहरा मौका मिलता है।
इतना ही नहीं ईद का चांद रविवार को दिखा तो सोमवार को ईद होगी और चांद नहीं दिखा तो मंगलवार को ईद-उल-फितर की नमाज अदा की जाएगी।
सड़क पर ईद की नमाज अदा करने की कोई भी इजाजत नहीं है, ऐसे में ईदगाह परिसर और मस्जिदों के अंदर ही नमाज पढ़ी जाएगी। बकरमंडी स्थित बड़ी ईदगाह में ईद की नमाज दो बार होगी। पहली नमाज सुबह 8 बजे होगी और दूसरी नमाज सुबह 9.30 बजे होगी।
और बड़ी ईदगाह प्रबंध कमेटी के मुतवल्ली अयाज आलम जफर ने बताया कि सड़क पर नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं मिलने के कारण और नमाजियों की संख्या अधिक होने के कारण ईदगाह कमेटी ने फैसला लिया है कि ईद-उल-फितर की नमाज ईदगाह में दो बार अदा की जाएगी।
और पहली नमाज सुबह 8 बजे हाफिज व कारी सुब्हान इलाही नमाज पढ़ाएंगे जबकि दूसरी नमाज 9.30 बजे होगी, ये नमाज हाफिज व कारी अकरम इलाही अदा कराएंगे।
इसी प्रकार ईदगाह उस्मानपुर, ईदगाह जाजमऊ, ईदगाह रोशन नगर, ईदगाह बेगमपुरवा समेत शहर की विभिन्न ईदगाहों एवं शहर की मस्जिदों में नमाज अदी जाएगी। जामा मस्जिद अशरफाबाद जाजमऊ में सुबह 8 बजे मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासमी नमाज अदा कराएंगे।