पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त एक्शन लिया है। गंभीर मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आवास में सीसीएस की बैठक हुई जिसके बाद भारत सरकार ने पांच बड़े फैसले लिए हैं।
विदेश मंत्रालय के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा, सीसीएस ने कड़े शब्दों में हमले की आलोचना की है। दुनिया के कई देशों ने समर्थन जताया है और कड़े शब्दों में हमले की निंदा की है। बैठक में कई फैसले लिए गए हैं। पाकिस्तानियों का वीजा रद्द किया गया है। सिंधु जल समझौता रोका गया है।

पीएम मोदी के आवास पर हुई सीसीएस की बैठक में 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने समर्थन को त्याग नहीं देता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। बैठक खत्म होने का बाद पीएम मोदी ने कहा कि आंतकवादी हमले के बाद अहम बैठक की। मीटिंग में अमित शाह पहलगाम हमले की जानकारी शेयर कर रहे हैं। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने भी कई सवाल पूछे, जिसका जवाब अमित शाह ने दिया। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में सरकार कुछ बड़े फैसले ले सकती है।
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश त्रिपाठी ने रक्षा मंत्री को पहलगाम और पूरे जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया गया है और आतंकियों को पकड़ने के लिए सर्च अभियान जारी है।

