बिजली विभाग के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही से छह सबस्टेशनों से जुड़े सैकड़ों गांवों में बिजली गुल हाे गई।
सब स्टेशनों पर एक के बाद एक ट्रांसफार्मर फुंकते रहे और अधिकारी आंखें मूंदे रहे। इतना ही नहीं अब हालात विकराल हो गए तो होश आया है।
नवाबगंज विधायक ने मध्यांचल विदयुत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखकर अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
साथ ही अब अधिकारियों का कहना है कि लखनऊ से दूसरा ट्रांसफार्मर आएगा तब बिजली आपूर्ति शुरू होगी। अब सवाल यह उठ रहा है कि 9 अप्रैल को पहले ट्रांसफार्मर में खराबी होने के बाद उसे ठीक कराने के लिए कोई पहल क्यों नहीं की गई।
और जबकि छह सबस्टेशन एक ही उन्ही ट्रांसफार्मर से निर्भर है। जिसके मुख्य अभियंता की तरफ से सांसद, विधायक और डीएम को बिजली संकट के लिए पत्र लिख दिया गया। लेकिन लाखों लोग बिजली संकट से लगातार जूझते रहे।
साथ ही बुधवार को भी बिजली संकट के घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। और गर्मी से बेहाल लोगों को पेयजल समस्या का भी सामना भी करना पड़ा।
एसडीओ राजेन्द्र सिंह ने बताया कि दोहना केन्द्र से नई लाइन डालकर वैकल्पिक तौर पर आपूर्ति सुचारू करने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।