भारत नहीं छोड़ा तो 5 वर्ष तक कैद, क्या सीमा हैदर को भी जाना होगा?, जाने क्या कहता है आदेश

पाकिस्तान वापस नहीं जाने वाले लोग नये इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स एक्ट 2025 के तहत ये अपराधी माने जायेंगे।

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नये इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स एक्ट 2025 के तहत ये अपराधी माने जायेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील अश्वनी दुबे का कहना है कि 27 अप्रैल तक पाकिस्तान न जाने वाले व आदेश का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को गैर कानूनी विदेशी माना जायेगा। नये इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स एक्ट 2025 के तहत ये अपराधी माने जायेंगे। इन्हें अधिकतम 5 वर्ष तक की जेल या 10 से 50 हजार रुपये तक का जुर्माना देना होगा। सजा पूरी करने के बाद भारत सरकार उन्हें पाकिस्तान डेपोर्ट कर देगी।

अवैध रूप से भारत आई सीमा हैदर जैसे मामलों में सरकार क्या करेगी। इसपर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील एसपी सिंह का कहना है कि सीमा का पति और ससुराल भारत में है। उसने हिंदू धर्म अपना लिया है। वह अपने सारे कानूनी दस्तावेज भारत सरकार गृह मंत्रालय और एटीएस को सौंप चुकी है। सीमा का पक्ष रखने वाले एसपी सिंह ने बताया कि उसने भारतीय नागरिकता के लिये आवेदन किया है। जिसपर राष्ट्रपति की मुहर लगनी बाकी है। इसलिये सीमा के पाकिस्तान जाने का कोई सवाल पैदा नहीं होता है। इस मामले में अन्य कानूनी जानकारों का कहना है कि सीमा हैदर के मामले में सरकार जांच के बाद ही फैसला करेगी।

1992 में सार्क वीजा छूट स्कीम शुरू हुई। ताकि बार-बार वीजा प्रोसेस की जरूरत नहीं पड़े। इसका फायदा जज, खिलाड़ी और हाई प्रोफाइल लोगों को मिलता। भारतीय आदेश के बाद इन सबसे वीजा 27 अप्रैल तक ही वैध है। बिजनेस, पत्रकार समेत 13 कैटेगरी को भी 27 अप्रैल को ही भारत छोड़ना है। सिर्फ भारत इलाज कराने आये पाकिस्तानियों को ही 29 अप्रैल तक की छूट दी गई है। पाकिस्तान हाई कमीशन के डिफेंस डिप्लोमैट्स, नेवी डिप्लोमैट्स और एयाफोर्स डिप्लोमैट्स को अन्वांटेड पर्सन घोषित कर 30 अप्रैल तक भारत छोड़ने के लिये कहा गया है।

एलटीवी वीजा धारकों को छूट
भारत सरकार ने लांग टर्म वीजा एलटीवी वीजा धारकों को छूट दे रखी है। इसमें चार चरणों में लोग आते हैं। पहले नंबर पर ऐसे लोग आते हैं जो पाकिस्तान के अल्पसंख्यक यानि हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और क्रिश्चियन धर्म के लोग आते हैं। ज्यादातर लोग ऐसे हैं जो पाकिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न की वजह से हमेशा के लिये भारत में रहना चाहते हैं। दूसरे नंबर पर वह पाकिस्तानी महिला आती है जो भारतीय पुरुष से शादी कर भारत में ही रह रही हैं। तीसरा पाकिस्तान में शादी करने वाली भारतीय महिलाएं जो तलाकशुदा व विधवा होकर भारत रहने वापस आ गईं। या फिर चौथे नंबर पर ऐसे लोगों को राहत मिलती है जिसकी भारत सरकार मदद करना चाहती हो।

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