UP : मेडिकल स्टोर के संचालक का हुआ कत्ल, एक्सप्रेस-वे के पाइप में शव डाल दोनों तरफ से भरी गई मिट्टी, पढ़िए पूरी खबर

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उन्नाव में पांच दिन से लापता मेडिकल स्टोर संचालक की हत्या का मामला मुख्य रूप से सामने आया है। मेडिकल स्टोर संचालक की लाश एक्सप्रेस-वे के पाइप में डालकर दोनों तरफ से मिट्टी भर दी। बदबू आने पर मामले की जानकारी हुई।

साथ ही उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पांच दिन से लापता बेहटा मजावर के हरईपुर निवासी मेडिकल स्टोर संचालक अंकित (27) का शव गांव से एक किलोमीटर दूर मिला। हत्यारों ने शव को निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे में जलनिकासी के लिए डाले गए पाइप में छिपाया था।

और फिर किसी को पता न चले इसलिए दोनों मुहानों पर मिट्टी डाल दी थी। दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने मंगलवार रात पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद शव बरामद हुआ। पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ जांच कर रही है। चर्चा है कि रुपयों के लेनदेन या प्रेम प्रसंग में हत्या की गई है।

और इसके अलावा परिजन और पुलिस तलाश कर रहे थे। दो दिन पहले गांव से 15 किलोमीटर दूर बाइक और मंगलवार को गांव से पांच किलोमीटर दूर झाड़ी में नंबर प्लेट मिली। इससे परिजनों का शक और गहरा गया और आसपास तलाश तेज की।

फिर मंगलवार रात करीब आठ बजे करीब 15 इंच व्यास के पाइप के पास दुर्गंध आने पर ग्रामीणों व परिजनों को शक हुआ। सूचना पर एसओ मुन्ना कुमार और सीओ अरविंद चौरसिया पहुंचे।

ग्रामीणों की मदद से सीमेंट के बड़े पाइप के मुहानों पर डाली गई मिट्टी को हटवाया तो पहले हाथ की अंगुली नजर आई।

और फिर जैसे ही अंगुली को पकड़ कर खींचा गया तो वह उखड़ कर ग्रामीण के हाथ में आ गई। इसके बाद दो सिपाहियों ने पाइप के अंदर घुसकर शव को निकाला। अंकित का शव देख पिता रामजीवन, मां राममूर्ति, बहन शालिनी व अन्य परिजन बेहाल हो गए।

और फिर सूचना पर क्षेत्र के विधायक श्रीकांत कटियार भी पहुंचे। हालांकि परिजनों ने अभी कोई आरोप नहीं लगाया है, लेकिन ग्रामीणों में रुपयों के लेनदेन या प्रेम प्रसंग में हत्या किए जाने की चर्चा है।

साथ ही सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि शव कई दिन पुराना होने से हत्या कैसे की गई है जाहिरा तौर पर इसका पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या कैसे की गई इसकी पुष्टि होने का अनुमान है। बताया कि आशंका है कि हत्या में मृतक के किसी नजदीकी का ही हाथ है।

और वह गांव या आसपास का रहने वाला हो सकता है। सर्विलांस टीम भी जांच में लगी है। सभी बिंदुओं को गहनता से खंगाला जा रहा है। इसमें प्रेम प्रसंग का बिंदु भी शामिल है।

युवक की तलाश कर रहे परिजनों को 25 मई को गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर शादीपुर गांव के पास नहर के किनारे बाइक मिली थी। आगे पीछे की नंबर प्लेट टूटी थी। गुमशुदगी दर्ज करने वाली पुलिस ने बाइक मिलने के बाद जांच तेज की।

साथ ही मंगलवार सुबह गांव से पांच किलोमीटर दूर पश्चिम गंगा एक्सप्रेसवे के सरैंया गांव की झाड़ी में नंबर प्लेट और चार शराब की बोतलें मिलीं थीं। पुलिस को जांच में पता चला कि शराब की बोतलें चकहनुमान स्थित ठेके से खरीदी गईं थीं।

पुलिस ने वहां के सीसीटीवी तलाशे थे, लेकिन 23 मई की रात नौ बजे के बाद सीसीटीवी बंद मिला। बाद में ठेके से करीब 500 मीटर दूर सीमेंट के पाइप में शव मिला।

और मृतक अंकित पटेल का मोबाइल घटना वाले दिन से बंद जा रहा है। कई बार पुलिस ने उसे मिलाने का प्रयास किया लेकिन वह ऑन नहीं हुआ।

अब पुलिस उसकी सीडीआर भी निकलवा रही है। घटना वाले दिन से ही पुलिस की सक्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।

और ये भी कहा जा रहा है कि अगर पुलिस ने समय पर तेजी दिखाई होती तो अंकित का शव पांच दिन नहीं तलाशना पड़ता।

पुलिस पहले गुमशुदगी की हिसाब से जांच करती रही थी, बाद में बाइक मिली तो तेजी दिखाना शुरू किया।

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