नीट यूजी प्रवेश परीक्षा के परिणाम अब घोषित हो चुके हैं। प्रदेश के 35 मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसिलिंग की तिथि घोषित नहीं हो रही हैं, क्योंकि नेशनल मेडिकल कमीशन ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों को आवेदित सीटों को अनुमति अभी नहीं दी है।
मामला एक या दो मेडिकल कॉलेज का नहीं बल्कि नए खुले अधिकांश मेडिकल कॉलेजों है, शिक्षक समेत अन्य जरूरी मानक पूरे नहीं है।
हालांकि बीते दिनों एमबीबीएस की सीटों को मान्यता देने के लिए खामियों को लेकर नियामक आयोग में कॉलेज प्रशासन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी हो चुकी है, कॉलेजों ने आश्वासन भी दिया है, मगर अभी तक एनएमसी द्वारा अभी तक हरी झंडी नही मिली है।
इसके साथ ही खासी दिक्कत प्रदेश में गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, सुल्तानपुर, अमेठी व हरदोई आदि नए खुले मेडिकल कॉलेजों में हैं।
जहां मानकनुरूप शिक्षक नहीं हैं, ओटी, लाइब्रेरी, पैथोलॉजी आदि तमाम संसाधन नहीं हैं, जिनकी वजह से एमबीबीएस सीटों को मान्यता बिल्कुल भी नहीं मिल रही है।
इतना ही नहीं, शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी तकनीकी दिक्कतें आईं हैं, बायोमेट्री उपस्थिति का नियम असफल होने के बाद आधार आधारित वीडिया कॉल द्वारा उपस्थिति भी दर्ज होने लगी।
और फिर सूत्रों का कहना है कि नियम है कि कॉलेज परिसर या 100 मीटर के दायरे में कहीं से भी शिक्षक वीडियो द्वारा फेस रीडिंग माध्यम से उपस्थिति भी दर्ज करा सकते हैं, मगर शिक्षक कहीं से भी फेस रीडिंग करा रहे हैं, जिन्हें कॉलेज सिद्ध करना एनएमसी के सामने मुश्किल भी हो रहा है।