हैलट के मनोरोग विभाग में अब विशेष बाल मनोरोग ओपीडी शुरू होगी। और इसमें छोटे बच्चे से लेकर 16 साल की उम्र तक के बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाएगा।
बच्चों की काउंसलिंग की भी व्यवस्था रहेगी। बच्चे में ज्यादा क्रोध, अवसाद समेत विभिन्न मानसिक समस्याओं का इलाज किया जाएगा।
साथ ही जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. धनंजय चौधरी ने बताया कि विभाग के पुराने भवन का जीर्णोद्धार हो गया है।
पांच-छह दिन के बाद भवन का लोकार्पण भी होगा। साथ ही तीन विशेषज्ञता वाली ओपीडी विभाग में शुरू कर दी जाएंगी।
और इसके अलावा बाल मनोरोग के अलावा नशामुक्ति, जीरियाट्रिक ओपीडी चलेगी। नशामुक्ति वाली ओपीडी में तंबाकू, शराब आदि नशे की लत छुड़वाने के लिए इलाज भी किया जाएगा।
जीरियाट्रिक ओपीडी में वृद्धजनों की मानसिक दिक्कतों का इलाज भी किया जाएगा।साथ ही डॉ. चौधरी ने बताया कि दो महीने में विभाग का नया भवन भी बनकर तैयार हो जाएगा।
और फिर इसमें रोगियों की भर्ती की भी व्यवस्था है। इसमें 40 बेड भी रहेंगे। और विभाग के लिए नया स्टाफ भी स्वीकृत हो गया है।