समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्दों पर दिए गए बयान को लेकर कांग्रेस के सांसद प्रमोद तिवारी ने अपनी विभिन्न प्रतिक्रिया भी दी है।
और साथ ही प्रमोद तिवारी ने ये भी कहा, दिल की बात जुबान पर आ ही गई। और फिर बीजेपी और आरएसएस का छुपा हुआ एजेंडा भी सामने आ गया।
फिर इसके अलावा दत्तात्रेय होसबाले ने गुरुवार को ये भी कहा था कि ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्दों को आपातकाल के दौरान ही संविधान की प्रस्तावना में शामिल भी किया गया था।
फिर आगे उन्होंने ये भी कहा, आपातकाल के दौरान संविधान की प्रस्तावना में दो शब्द भी जोड़े गए। और ये दो शब्द ‘समाजवादी’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ भी हैं। और ये प्रस्तावना में भी पहले ही नहीं थे।
साथ ही दत्तात्रेय होसबाले ने ये भी कहा, बाबा साहेब ने जो संविधान बनाया, और उसकी प्रस्तावना में ये दो शब्द भी नहीं थे।
साथ ही आपातकाल के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित भी कर दिए गए, तब भी संसद काम नहीं कर रही थी, और फिर न्यायपालिका पंगु भी हो गई थी, तब ये शब्द मुख्य रूप से जोड़े गए।