गुरुवार को इसराइली गोलीबारी में ग़ज़ा में एक टेंट पर हुए हमले में कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई है। इतना ही नहीं इसराइल ने फ़लस्तीनी क्षेत्र पर बमबारी भी तेज़ कर दी है।
साथ ही सूत्रों के अनुसार, ग़ज़ा में विस्थापित परिवारों के लिए बनाए गए आश्रय स्थल के पास हवाई हमले में 15 लोग भी मारे गए। और इसमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
और फिर इसराइली सेना ने कहा है कि उसने वहां स्थित एक “प्रमुख” हमास कार्यकर्ता को निशाना भी बनाया था। साथ ही सिविल डिफेंस ने यह भी बताया कि 38 लोग सहायता के लिए क़तार में खड़े होने या फिर सहायता लेने के लिए जाते समय मारे भी गए।
और अगर इसराइली सेना ने कहा कि बड़े पैमाने पर हताहतों की ऐसी कोई भी ख़बरें बिल्कुल भी झूठी हैं।
और फिर यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब इसराइल और हमास दोनों पर नए युद्धविराम और बंधकों की रिहाई से जुड़े समझौते पर सहमत होने के लिए लगातार दबाव भी बढ़ रहा है।
इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ये घोषणा भी की थी कि इसराइल ने ग़ज़ा में 60 दिन के युद्धविराम को अंतिम रूप देने के लिए ज़रूरी शर्तों पर अपनी सहमति पूर्ण रूप से दे दी है। हालाँकि, अब भी कुछ बाधाएं हैं, जो इस समझौते को रोक भी सकती हैं।
साथ ही हमास ने कहा है कि वह प्रस्तावों का अध्ययन कर रहा है लेकिन वह अब भी युद्ध की समाप्ति और ग़ज़ा से इसराइल की वापसी चाहता है।
और फिर इसराइली सेना ने गुरुवार को कहा कि उसके विमानों ने पिछले 24 घंटों में ग़ज़ा में क़रीब 150 आतंकवादी ठिकानों पर हमला भी किया है। और इसमें लड़ाकू विमान, सुरंगें और हथियार भी शामिल हैं।