जेके कैंसर इंस्टीट्यूट की हालत सुधरने की दिशा में अब काम शुरू हो गया है। शासन ने एकेडमिक, प्रशासनिक ब्लाक के लिए मंजूरी दे दी है।
साथ ही इंस्टीट्यूट में दूसरे और पहले तल से रोगियों को नीचे लाने के लिए रैंप भी बनाया जाएगा। फिर इससे बिजली जाने और किसी आकस्मिक स्थिति में सीढि़यों से रोगियों को लादकर नहीं लाना पड़ेगा।
और फिर इंस्टीट्यूट के दो प्रस्ताव स्वीकार कर लिए गए। इसके बाद एक और तल के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने की तैयारी है।
साथ ही जेके कैंसर इंस्टीट्यूट में सर्जिकल आंकोलॉजी, एनस्थीसिया और पैथोलॉजी विभाग खोले जाने और रेडिएशन विभाग उच्चीकृत किए जाने के संबंध में अनुमति मिल चुकी है।
और फिर इसी क्रम में अब एकेडमिक ब्लॉक और प्रशासनिक की मंजूरी मिल गई। नए ब्लॉक बनने से अस्पताल भवन में जगह हो जाएगी।
इससे रोगियों के लिए और आसानी होगी। साथ ही कैंसर रोग के इलाज की पढ़ाई के लिए भी जगह हो जाएगी। विभाग खुलने के बाद यहां पीजी छात्रों और डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी।
और फिर एकेडमिक और प्रशासकीय ब्लॉक में ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो तल होंगे। इसका दो साल का बजट लगभग 15 करोड़ रुपये है।
इसके अलावा रैंप का बजट करीब 80 लाख रुपये है। और फिर इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं प्रोफेसर डॉ. एसएन प्रसाद ने बताया कि एकेडमिक ब्लॉक में कक्षाएं रहेंगी। इसके साथ ही अधिकारियों के ऑफिस रहेंगे।
मुख्य भवन में जो जगह खाली होगी, उसका रोगियों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कुछ कमरों में सीलन रहती है, वहां से रोगियों को नए स्थान पर शिफ्ट भी करेंगे।
ये भी बता दें कि डॉ. प्रसाद ने बताया कि एकेडमिक ब्लॉक पर तीसरा तल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके अलावा अस्पताल के लिए भी प्रस्ताव भेजा जाएगा।
और फिर इसमें ऑपरेशन थिएटर, रोगियों के लिए वार्ड आदि की व्यवस्था रहेगी। और फिर एकेडमिक ब्लॉक बनने में दो साल का अरसा लगने की उम्मीद है।
कहा कि धीरे-धीरे इंस्टीट्यूट की स्थिति में तब्दीली आएगी। और फिर नया ब्लॉक मुख्य भवन के सामने ओपीडी के पास खाली जगह पर प्रस्तावित है।