बिहार: सरकारी स्कूलों में उर्दू पढ़ाने को लेकर हो रहा बवाल, जानिए आखिर क्यों दहशत में हैं बच्चे

0
212

बिहार के बेगूसराय के एक स्कुल में उर्दू पढ़ाने को लेकर अब नया विवाद छिड़ गया है। और जहां स्कूल मे पदस्थ एक उर्दू शिक्षक का आरोप है कि उसे स्कूल के प्रिंसिपल और अन्य स्कूल शिक्षक द्वारा उर्दू पढ़ाने से रोका भी जा रहा है।

और साथ ही उन्हें प्रताड़ित और अपमानित भी किया जा रहा है। और फिर इस मामले में स्कूल के छात्र- छात्राओं और उनके अभिभावक ने प्रिंसिपल और शिक्षकों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत भी दर्ज कराई है।

फिर इस मामले मे जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले की जांच स्वयं अपने स्तर से करने का आश्वासन भी दिया है।

और अब पूरा मामला बेगूसराय जिला के नावकोठी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय पहसारा बभन गामा का है।

ये भी बताते चलें कि सरकार द्वारा बीपीएससी TRE -3 के माध्यम से चयनित मोहमद आविद को नावकोठी प्रखंड के राजकीय मध्य विद्यालय पहसारा बभन गामा में उर्दू शिक्षक के रूप मे पदस्थ भी किया गया था।

लेकिन अब पदस्थापित होने के साथ ही मोहमद आविद ने स्कूल के मुस्लिम बच्चों को उर्दू पढ़ाने की मांग की।

लेकिन, प्रिंसिपल और अन्य शिक्षक ने उर्दू पढ़ाने के लिए अलग से क्लास देने से इनकार भी कर दिया।

और उर्दू शिक्षक मोहमद आविद ने उर्दू शिक्षक के रूप मे बहाली होने का हवाला देकर लगातार उर्दू पढ़ाने की मांग की।

फिर जिस पर बात लगातार बढ़ती गई। और पीड़ित शिक्षक मोहमद आविद का आरोप है कि उनकी नियुक्ति पंद्रह मई को उर्दू शिक्षक के रूप में हुई।

फिर उनके द्वारा उर्दू पढ़ाने की मांग अपने प्रिंसिपल से की गई तो सताईस जून को स्कूल के प्रधान द्वारा उनके साथ अमानवीयता और अभद्र व्यवहार भी किया गया।

और साथ ही जिसकी लिखित शिकायत उनके द्वारा राज्यपाल, डीएम, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों में भी की गई है।

और पीड़ित का कहना है कि जब उनकी शिकायत पर विभाग द्वारा प्रधानाध्यापक से शो काज की मांग की गई, तो नाराज होकर प्रिंसिपल ने कार्रवाई की मंशा से बच्चों को नाम काट देने की धमकी भी दी।

और शिक्षक ने बताया की वो आठ घंटे तक क्लास लेते हैं पर उन्हें आज तक उर्दू की क्लास नहीं करने दी गई। अब उनकी मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।

और फिर वहीं इस मामले में जिला शिक्षा कार्यालय पहुंचे मुस्लिम बच्चे और उनके अभिभावक ने बताया कि उन लोगों को नाम काटने की धमकी देकर कागज़ पर दस्तखत भी कराया गया है।

और वो लोग उर्दू पढ़ना चाहते हैं। और फिर वहीं इस मामले मे जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि बच्चे और उनके अविभावक उनसे मिलने भी आये थे।

और उन्होंने सभी के मोबाइल नंबर भी लिए हैं। और वह अब खुद जाकर इस पूरे मामले की जांच करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here