अल जज़ीरा के मुताबिक़, गाजा हमले में अल जजीरा के पांच पत्रकारों की हुई मौत, इजरायल ने ये भी कहा- हमास से जुड़े थे इनके तार।
और फिर इसराइली हमले के वक्त संवाददाता अनस अल-शरीफ़ और मोहम्मद कुरैके, कैमरापर्सन इब्राहिम ज़हीर और मोहम्मद नौफ़ाल अस्पताल के मेन गेट पर पत्रकारों के लिए बने एक टेंट में ही थे।
साथ ही क़रीब दो हफ़्ते पहले अल जज़ीरा ने इसराइली रक्षा बलों की निंदा की थी और कहा था कि ग़ज़ा में अल-शरीफ़ सहित उसके पत्रकारों के ख़िलाफ़ चलाया जा रहा अभियान ‘उकसावे का अभियान’ भी है।
और फिर हमले के कुछ देर बाद आईडीएफ़ ने इसकी पुष्टि की कि उसने अनस अल-शरीफ़ पर हमला भी किया है।
और फिर आईडीएफ़ ने टेलीग्राम पर पोस्ट किया कि वह “हमास में एक आतंकवादी सेल के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे। “
इसके अलावा आईडीएफ़ ने हमले में मारे गए अन्य किसी भी पत्रकार का ज़िक्र भी नहीं किया।
और फिर अल जज़ीरा के मैनेजिंग एडिटर मोहम्मद मोआवाद ने बातचीत में ये भी कहा कि अल-शरीफ़ ग़ज़ा के भीतर, ख़बरें देने वाली दुनिया की ‘एकमात्र आवाज़’ भी थे।