राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रवक्ता राम माधव का कहना हैं कि कुछ लोग आरएसएस का विरोध राजनीतिक फ़ायदे के लिए करते हैं।
और साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में आरएसएस की तारीफ़ को लेकर कहा।
और फिर स्वतंत्रता दिवस के मौके़ पर प्रधानमंत्री के भाषण में आरएसएस का ज़िक्र सुनकर करोड़ों लोग प्रसन्न भी हुए हैं।
साथ ही आगे उन्होंने कहा, यह संगठन इस साल अक्तूबर में अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। और फिर यह सौ साल से हर दिन बढ़ता जा रहा है और यह संगठन आज तक टूटा भी नहीं है।
और फिर उन्होंने दावा किया कि दुनिया में ऐसा कोई संगठन नहीं है। उन्होंने यह भी कहा, मैं जानता हूं कि कुछ लोगों को अच्छा बिल्कुल भी नहीं लग रहा है। और फिर कुछ लोग राजनीतिक कारणों से आरएसएस का विरोध भी करते रहे हैं।
और फिर इसमें कुछ कांग्रेस के नेता हमेशा अपने राजनीतिक कारणों से संघ का विरोध भी करते रहे। और फिर भले ही वह जानते हैं कि आरएसएस राजनीति से परे देश और हिंदू धर्म की सेवा भी करता है।
इतना ही नहीं राम माधव ने कहा, आरएसएस किसी संप्रदाय, धर्म और दल का विरोध नहीं करता है।
और फिर हम उनका विरोध करते हैं जो एकता, अखंडता और संप्रभुता के ख़िलाफ़ काम करते हैं।
और फिर इससे पहले पीएम मोदी के अपने भाषण में आरएसएस का ज़िक्र करने को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति भी जताई थी।
साथ ही कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, आरएसएस वही संस्था है जिसने हमारे तिरंगे का 53 साल तक बहिष्कार भी किया।
और फिर ये वही संस्था है जिसने संविधान की प्रतियां भी जलाईं। और ये वही संस्था है जिसने आज़ादी के आंदोलन में अंग्रेजों का साथ भी दिया।