पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने आठ मामलों में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ संस्थापक और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को ज़मानत दे दी गई है।
और फिर सूत्रों के मुताबिक़ इन आठ मामलों में ज़मानत मिलने के बावजूद इमरान ख़ान जेल से रिहा नहीं हो पाएंगे, क्योंकि उन्हें अल कादिर ट्रस्ट मामले में चौदह साल की जेल की सज़ा सुनाई जा चुकी है।
साथ ही मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत इस मामले में सुनवाई नहीं करेगी और केवल ज़मानत के मामले पर ही विचार करेगी।
और फिर अदालत ने इमरान ख़ान के वकील सलमान सफ़दर को दलीलें पेश करने का आदेश भी दिया।
और फिर दलीलें पेश करते हुए उन्होंने कहा कि इन आठ मामलों में से पांच में इमरान ख़ान का नाम नहीं है।
और फिर इमरान ख़ान के वकील ने कहा कि अभियुक्त को ज़मानत का अधिकार है और उनके मुवक्किल को दो साल तक इस अधिकार से वंचित भी रखा गया।
और फिर सभी दलीलें सुनने के बाद अदालत ने इमरान ख़ान की आठ मामलों में ज़मानत याचिकाएं मंजू़र भी कर लीं।