अफ़ग़ानिस्तान की मीडिया के अनुसार, कुनार प्रांत में आए भूकंप से प्रभावित लोगों में कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जो हाल ही में पाकिस्तान से निकाले गए थे।
और फिर जिस इलाक़े में रविवार देर रात भूकंप आया, वह पाकिस्तान की सीमा के क़रीब है।
सूत्रों के मुताबिक़, पाकिस्तान ने इस साल बिना दस्तावेज़ वाले अफ़ग़ानों को निकालने की कार्रवाई भी तेज़ कर दी थी।
और फिर मार्च में ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा था कि पाकिस्तानी अधिकारी अफ़ग़ान शरणार्थियों को ज़बरदस्ती वापसी के लिए दबाव भी डाल रहे हैं, जबकि उन्हें तालिबान के उत्पीड़न और आर्थिक संकट का ख़तरा भी बना हुआ है।
साथ ही यूएन की शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक़, 35 लाख से ज़्यादा अफ़ग़ान नागरिक पाकिस्तान में ही रह रहे हैं। और फिर पाकिस्तान ने दशकों तक युद्ध के दौरान अफ़ग़ानों को शरण भी दी।
लेकिन अब सरकार का ये भी कहना है कि बड़ी संख्या में शरणार्थियों की मौजूदगी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद ख़तरा है और सार्वजनिक सेवाओं पर दबाव भी डाल रही है।