आजम खां की रिहाई के कुछ ही घंटों के लिए रुक गई है। दरअसल, रामपुर की न्यायालय में चल रहे एक मुकदमें में कोर्ट में जुर्माना भी भरा नहीं गया।
और फिर सूत्रों के मुताबिक, एक केस में दो धाराओं में 3 और 5 हजार रुपए का जुर्माना लगा था। और फिर ऐसे में जब रिहाई का समय आया तो उसे रोकना पड़ा।
अब ये माना जा रहा है कि कोर्ट खुलने और जुर्माना भरने के बाद रिहाई का आदेश मिलने के 4- 5 घंटे का समय जरूर बीत जाएगा।
और फिर ऐसे में अदीब और अब्दुल्ला आजम के बढ़ते समर्थकों के बीच पुलिस को मशक्कत का सामना भी करना पड़ रहा है।
और फिर जिसको लेकर आसपास थानों का पुलिस बल भी बुला लिया गया है। ये भी बता दें कि 23 महीने से सपा नेता आजम खां सीतापुर कारागार में निरुद्ध हैं।
और फिर बुधवार शाम उनकी रिहाई का आदेश रामपुर कोर्ट से सीतापुर कारागार पहुंचा था।
और फिर देर शाम आदेश आने पर विभागीय प्रक्रिया पूरी होने में लंबा समय बीत गया, जिसके कारण रिहाई सुबह सात बजे के करीब ही तय की गई।
साथ ही सहायक पुलिस अधीक्षक विनायक भोसले ने बढ़ती भीड़ को देख पहले लाउडस्पीकर से लोगों को दूर जाने की हिदायत दी।
समर्थकों की भीड़ और वाहनों से लगते जाम को देखते हुए 15 वाहनों का चालान किया गया। बताया गया कि धारा 144 लागू है। और फिर प्रशासन की नजर आने जाने वालों पर भी रही।
और फिर ऐसे में खुफिया विभाग सहित अन्य माध्यमों से उन लोगों ने नाम पते लिखे गए, जो समर्थकों के रूप में मौजूद भी थे।
ये भी बताते हैं कि ऐसे में सीसीटीवी फुटेज का भी सहारा भी लिया गया है। साथ ही आजम खां से मिलने वालों में पूर्व सांसद अतीक अहमद का हमशक्ल देख लोग बहुत ही ज्यादा हैरान भी हो गया।
और फिर पुलिस भी आ पहुंची। पूछने पर पता चला कि व्यक्ति आजम खां के क्षेत्र से आया है, नजब कादरी नाम है।