कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को लेकर, संबोधित करते हुए फ़लस्तीन को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने का एलान भी किया गया।
और फिर उन्होंने कहा, वर्तमान इसराइली सरकार फ़लस्तीन को देश के तौर पर स्थापित होने से रोकने के लिए काम भी कर रही है।
और फिर वह वेस्ट बैंक में अपने विस्तार को लगातार बढ़ा रही है, जो कि अंतरराष्ट्रीय क़ानून के तहत ग़ैर-क़ानूनी भी है।
साथ ही मार्क कार्नी ने कहा, ग़ज़ा में इसकी आक्रामकता की वजह से हज़ारों लोगों की मौत हुई है।
और फिर 20 लाख से अधिक लोगों को निर्वासित होना पड़ा है और भुखमरी जैसे हालात भी पैदा हैं। और फिर यह अंतरराष्ट्रीय क़ानून का एक और उल्लंघन भी है।
और फिर वर्तमान इसराइली सरकार की नीति फ़लस्तीन को देश के तौर पर स्थापित नहीं होने देने की है। और फिर इस संदर्भ में कनाडा, फ़लस्तीन को देश के तौर पर मान्यता भी देता है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इसराइल और फ़लस्तीन के ‘शांतिपूर्ण भविष्य के प्रयासों’ पर लगातार ज़ोर भी दिया गया।
और फिर कनाडा ने रविवार को ही फ़लस्तीन को मान्यता देने की आधिकारिक घोषणा भी कर दी थी। साथ ही कनाडा के अलावा ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल ने भी फ़लस्तीन को मान्यता भी दी थी।